मुगलसराय। मिर्जापुर के जूता व्यवसायी अपहरण कांड के चार आरोपियों को अलीनगर पुलिस व क्राइम ब्रांच की टीम ने सिंघीताली के पास से गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। इनके पास से पुलिस ने एक क्रूजर वाहन, एक मोटरसाइकिल व तमंचा बरामद किया है। आरोपियों के अनुसार अपहरण कांड में तीन और लोग भी शामिल थे। आईजी जोन ने पुलिस टीम को पंद्रह हजार नकद पुरस्कार देने की घोषणा की है। वाराणसी से लौटते समय गत तीन मई को जूता व्यवसायी अमित, उसकी मां व बहन को अहरौरा थाने के हनुमान घाटी से अगवा कर लिया था। मां व बहन को बिहार के मोहनियां में उसी रात छोड़ दिया था, जबकि अमित को नौ मई को गाजीपुर में मुक्त किया था। जूता व्यवसायी मूलत: सोनभद्र का रहने वाला है।
अलीनगर पुलिस को यह सूचना मिली कि मिर्जापुर के अहरौरा क्षेत्र में जूता व्यवसायी अमित गुप्ता और उसके परिजनों के अपहरण के आरोपी क्षेत्र के सिंघीताली पुलिया के समीप मौजूद हैं। इसके बाद पुलिस और क्राइम ब्रांच की टीम ने नाकेबंदी करके सिंघीताली के पास चारों बदमाशों को दबोच लिया। पुलिस के हत्थे चढ़े बदमाशों में क्रमश: पीयूष सिंह निवासी बजरंग कालोनी जमानियां, प्रशांत सिंह बरठा, चंदौली, राजेश वर्मा और जय नारायण गिरि भेलूपुर वाराणसी के निवासी हैं। बदमाशों की निशानदेही पर पुलिस टीम ने घटना में प्रयुक्त चार पहिया क्रूजर वाहन भी बरामद कर लिया है।
इस संबंध में पुलिस अधीक्षक शरद सचान ने बताया कि बलुआ क्षेत्र के सुजीत पहलवान, विपिन सिंह और गाजीपुर के बालक राम ने जूता व्यवसायी अमित के अपहरण की योजना बनाई थी। जिसमें चालीस लाख रुपये फिरौती वसूलने की योजना थी। लेकिन पुलिस के दबाव के चलते अपहरणकर्ताओं ने सभी को छोड़ दिया। टीम में नवागत थानाध्यक्ष अलीनगर साजिद सिद्दीकी, अहरौरा एसओ आरएन यादव, मुख्य क्राइम ब्रांच आरक्षी राकेश तिवारी आदि पुलिस कर्मी शामिल रहे।
इनसेट
ठेकेदारी में हुआ घाटा तो बना खलनायक
अमीर बनने की चाह में चुना शार्टकट
ललित शंकर पांडेय
मुगलसराय। एक फिल्म आई थी ‘अपहरण’। जिसमें मुख्य भूमिका निभा रहे थे अजय देवगन। इस फिल्म में दिखाया गया था कि पैसे की खातिर किस तरह अपहरण, हत्या, लूट जैसी वारदातें होती हैं। अजय देवगन को पुलिस में भर्ती होेना था। इसलिए पांच लाख रुपये में एक व्यापारी का अपहरण कर लिया। लेकिन पकड़ा गया। कुछ इसी फिल्मी तर्ज पर जूता व्यापारी अमित गुप्ता का भी अपहरण एमए के छात्र पीयूष सिंह ने ठेकेदारी में हो रहे घाटे से उबरने के लिए किया था।
पुलिस के हत्थे चढ़े चार आरोपियों में शामिल बजरंग कालोनी जमानियां निवासी पीयूष सिंह जमानियां डिग्री कालेज में एमए द्वितीय वर्ष का छात्र है। वह ठेकेदारी भी करता है। इन दिनों लगातार ठेकेदारी में हो रहे घाटे को लेकर वह काफी परेशान रहता था। इस बीच उसकी मुलाकात प्रशांत सिंह से हुई, तो उसने रातोंरात अमीर बनने का ख्वाब दिखा दिया। इस फार्मूले को मानकर दोनों अपराध की दुनियां में दाखिल हो गए। दोनों की मुलाकात बलुआ क्षेत्र के सुजीत पहलवान और विपिन सिंह से हुई। तब व्यवसायी अमित गुप्ता के अपहरण की योजना तैयार हुई। जिसमें पीयूष सिंह और प्रशांत सिंह को चालीस लाख रुपये फिरौती की रकम का लालच दिया गया। जिसमें पंद्रह लाख रुपये देने का सब्जबाग पीयूष और प्रशांत सिंह को दिखाया गया। बस इसी रुपये के लालच में दोनों ने भेलूपुर वाराणसी के एक ट्रैवेल एजेंसी से चार पहिया वाहन बुक कराया। उन्होंने ड्राइवर जयनारायण गिरि को दो लाख रुपये देने का वादा किया था। लेकिन उनका खेल धरा रह गया।