चंदौली। सपा सरकार की ओर से लोकतंत्र सेनानी का दर्जा प्राप्त मीसा बंदियों को पुन: सम्मान राशि देने की प्रदेश सरकार ने तैयारियां लगभग पूर्ण कर ली हैं। शासन ने जिले को बजट अवमुक्त करने के साथ ही अप्रैल में मीसा बंदियों को प्रथम चरण में नौ-नौ हजार रुपये का चेक प्रदान करने का फरमान जारी किया है। जिले के 127 ऐसे लोगों का चयन किया गया है, जो सम्मान राशि के हकदार हैं।
इंदिरा गांधी के शासन में आपातकाल के दौरान पकड़े गए बंदियों को सपा सरकार ने लोकतंत्र सेनानी का दर्जा दिया है। वर्ष 2005-06 में जब सपा सुप्रीमो मुलायम सिंह यादव प्रदेश के मुखिया थे, तो मीसा बंदियों को कुछ महीनों तक 500-500 रुपये सम्मान राशि मिली, लेकिन सत्ता परिवर्तन में सम्मान राशि को बंद कर दिया गया। अब जबकि सपा पुन: प्रदेश की सत्ता में है, तो मीसा बंदियों को सम्मान राशि देने के लिए जिलों को बजट जारी कर दिया है। इस बार प्रदेश सरकार ने मीसा बंदियों को दिए जाने वाली सम्मान राशि में छह गुना का इजाफा किया है। जिले के 127 मीसा बंदियों को सम्मान राशि देने के लिए शासन की ओर से कुल 11.43 लाख रुपये का बजट भेजा गया है। साथ ही निर्देश दिया है कि 25 जून 1975 से 31 मार्च 1977 के बीच आपातकाल के दौरान बंद रहने वाले लोकतंत्र सेनानियों को खोजकर सम्मान राशि दिलाएं। हालांकि मीसा बंदियों की तलाश अभी पूरी नहीं हो पाई है।