ज्ञानपुर। सुंदरपुर गांव में ताजिया कारीगरों की ओर से शीशे का बनाया गया वारिस-ए-पाक देवा शरीफ रौजे का मॉडल आकर्षण का केंद्र है। आधा दर्जन विशेषज्ञ कारीगरों ने दस दिन की मेहनत से इसे तैयार किया है। ताजिया तैयार कराने में ताजिया कमेटी को 75 हजार रुपये से अधिक खर्च करने पड़े हैं।
नवीं को इमाम चौक पर बैठाया गया, दसवीं को कर्बला में ठंडा किया गया। अब इसकी खूबसूरती और कला देखने के लिए दस दिन तक मस्जिद के सामने रखा गया है। इसे बनाने में मोहर्रम अली, मक्सूद आलम, कुरबान अली, शब्बीर, आफताब, अकरम, सेराज अंसारी ने हुनर दिखाया है। जबकि चांद बाबू, मुन्ना प्रधान और प्रधान विशुन कन्नौजिया का भी सहयोग रहा है। भारी भर कम ताजिए की ऊंचाई 25 फीट और चौड़ाई 15 फीट है। कुरबान अली ने बताया कि गांव की यह पुस्तैनी और पंचायती ताजिया है। इसमें सभी लोगों का हर तरह से सहयोग रहता है।
बताया कि यहां हर साल अलग-अलग मॉडल के आकर्षक ताजिए तैयार किए जाते हैं। इसके लिए विशेषज्ञ कारीगरों से सलाह और सेवा ली जाती है।