कंदवा। क्षेत्र में बिजली विभाग द्वारा रोस्टर में आए दिन बदलाव किए जाने से ग्रामीणों का जीना दुश्वार हो गया है। गांवों में हो रही अघोषित बिजली कटौती से जनजीवन पूरी तरह से अस्त-व्यस्त हो गया है। वहीं नाराज ग्रामीणों ने बिजली व्यवस्था में सुधार न होने पर आंदोलन की चेतावनी दी है।
गौरतलब है कि अमड़ा विद्युत उपकेंद्र से भोर में चार बजे से दस बजे एवं दिन में दो बजे से शाम छह बजे तक क्षेत्र के 25 गांवों में आपूर्ति की जा रही है। वहीं कंदवा क्षेत्र को नौ घंटे विद्युत आपूर्ति करने का रोस्टर निर्धारित है। लेकिन लोकल फाल्ट और तकनीकी खराबी के नाम पर सिर्फ सात घंटे ही बिजली दी जा रही हैै। वहीं ओवरलोड के चलते एक बार में एक साथ तीन फीडर ही संचालित किए जा रहे हैं। रात में नींद पूरी न होने की वजह से लोगों के स्वास्थ्य पर भी बुरा प्रभाव पड़ रहा है। प्राथमिक शिक्षक संघ बरहनी के अध्यक्ष डा. संजय सिंह का कहना है। कि उमस और गर्मी में बिजली के अभाव में जहां लोगों का जीना दूभर हो गया है। वहीं बिजली के अभाव में कृषि कार्य भी बुरी तरह से प्रभावित हो रहा है।
भाजपा के पूर्व जिला उपाध्यक्ष राजेश सिंह का कहना है कि बिजली के अभाव में लोगों के कारोबार के साथ-साथ किसानों की हालात और भी बदतर हो गई है। वहीं नींद पूरी नहीं होने के चलते उनकी आम दिनचर्या भी प्रभावित हो रही है।
सर्वोदय इंटर कालेज के प्रधानाचार्य डा. कृष्णकांत तिवारी ने कहा कि रोज की भाग-दौड़ से लोग पहले ही परेशान है। वहीं बिजली कटौती होने से काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। बरहनी गांव के किसान सुनील सिंह ने कहा कि कम बिजली के चलते लिफ्ट कैनाल और नलकूप केवल शोपीस बने हुंए है, और किसान खून के आंसू रोने को विवश है। इस संबंध में एसडीओ विद्युत कमालपुर सुधीर श्रीवास्तव ने बताया कि अमड़ा विद्युत केंद्र की सप्लाई गाजीपुर जनपद के जमानियां से होती है हमें जितनी बिजली मिलती है उतनी आपूर्ति की जाती है।