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पेयजल के लिए तरस रहे स्कूली बच्चे

Fri, 23 May 2014 05:31 AM IST
Chandauli
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शिकारगंज। नक्सल प्रभावित क्षेत्र के नौडिहा ग्राम पंचायत अंतर्गत मिश्रपुरा प्राथमिक विद्यालय हैंडपंप विहीन है। पीने के पानी के लिए अध्ययनरत नौनिहाल गांव के निजी हैंडपंपों का सहारा लेने को विवश हैं।
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क्षेत्र के मिश्रपुरा गांव के नौनिहालों को बेहतर पाठन-पाठन के लिए वर्ष 1992 में प्राथमिक विद्यालय का निर्माण कराया गया। लेकिन बड़ी विडंबना यह है कि विद्यालय में हैंडपंप की बोरिंग के अलावा शौचालय और बाउंड्रीवाल का आज तक निर्माण नहीं कराया। शिक्षा व्यवस्था के जिम्मेदारजनों और क्षेत्रीय जनप्रतिनिधियों का भी ध्यान कभी इस तरफ नहीं गया जिससे वर्तमान में विद्यालय अपनी दुर्दशा पर आंसू बहाने को मजबूर है। विद्यालय में कुल 86 बच्चे अध्ययनरत हैं। जो मध्याह्न भोजन भी पीने के पानी के अभाव में नहीं कर पाते हैं। किसी प्रकार मिड-डे-मील का संचालन रसोइयों द्वारा किया जा रहा है। नौनिहालों को बेहतर शिक्षा दीक्षा देने के लिए सर्वशिक्षा अभियान के तहत करोड़ों रुपये खर्च किए जा रहे हैं, किंतु शिक्षा मंदिर का समुचित विकास न होने से हालत बदतर हो गई है। शौचालय की कमी के कारण विशेष रूप से किशोरियों और महिला शिक्षामित्रों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। हैंडपंप न होने से नौनिहालों को पेयजल की विकट समस्याओं से रूबरू होना पड़ रहा है। प्यास बुझाने के लिए नौनिहालों को विद्यालय से तीन सौ मीटर एक निजी हैंडपंप का सहारा लेना पड़ रहा है।
वर्जन
‘विद्यालय में हैंडपंप की बोरिंग कराने के साथ ही शौचालय और बाउंड्रीवाल के निर्माण के लिए कई बार पत्र के माध्यम से खंड शिक्षा कार्यालय को अवगत कराया गया, किंतु आज तक इस मामले में कोई फीडबैक नहीं मिला’। मनोज यादव प्रधानाध्यापक प्राथमिक विद्यालय मिश्रपुरा।
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वर्जन
‘विद्यालय में व्याप्त समस्याओं को तत्काल दूर करने के लिए ब्लाक कार्यालय को अवगत कराया गया है’। ग्राम प्रधान मेहरुनिशा ग्राम पंचायत नौडिहा।
वर्जन
‘शासन द्वारा धन मिलने पर ही विद्यालय की कमियों को दूर करना संभव है’। क्षमाशंकर पांडेय खंड शिक्षाधिकारी चकिया।
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