राजकीय रेलवे पुलिस ने गुरुवार की देर रात प्लेटफार्म नंबर एक से 96 कछुओं
के साथ दो तस्करों को पकड़ा। तस्करों का सुसंगत धाराओं के तहत चालान कर
जेल भेज दिया गया। वहीं कछुओं को जीआरपी ने वाराणसी के सारनाथ के कछुआ
सेंक्चुरी स्थित वन विभाग को सौंप दिया।
जीआरपी के जवान गुरुवार की रात
प्लेटफार्म पर गश्त कर रहे थे। इसी बीच उन्हें मुखबिर से सूचना मिली कि
प्लेटफार्म नंबर एक के पूर्वी छोर पर दो व्यक्ति संदिग्ध अवस्था में बैठे
हैं। सूचना पर पुलिस उनके पास पहुंची तो वे सामान छोड़कर भागने लगे। इस पर
पुलिस ने उन्हें दौड़ाकर पकड़ लिया और सामान समेत थाने ले आई। तलाशी के
दौरान उनके पास से तीन बोरे में रखे 96 दुर्लभ प्रजाति के कछुए बरामद हुए।
उनके पास दो मोबाइल और 490 रुपये नकद भी मिला।
पकड़े गए विनोद कंजड़ और
बाबूलाल कंजड़ निवासी गांधीनगर, पोस्ट- जलपुर, थाना जगदीशपुर, जिला अमेठी
ने पूछताछ के दौरान बताया कि वे कछुओं को सुल्तानपुर के एक तालाब से
निकालकर बोरों में भरकर दून एक्सप्रेस से मुगलसराय पहुंचे थे और किसी दूसरी
ट्रेन से कोलकाता जाने की तैयारी में थे्। इसी दौरान गश्त कर रहे जीआरपी
के जवानों ने उन्हें पकड़ लिया। पूछताछ के दौरान उन्होंने बताया कि वे कई
बार कछुओं की खेप कोलकाता पहुंचा चुके हैं। उन्हें इसे पहुंचाने के एवज में
प्रति ट्रिप पांच से दस हजार रुपये तक मिल जाते हैं। इस संबंध में जीआरपी
इंस्पेक्टर त्रिपुरारी पांडेय ने बताया कि पकड़े गए तस्कर विनोद और बाबूलाल
को सुसंगत धाराओं के तहत कार्यवाही करते हुए चालान कर कोर्ट में पेश किया
गया जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया।