चंदौली। वित्तीय वर्ष के अंतिम दिन सरकारी दफ्तरों में खूब माथा पच्ची हुई। रविवार को छूट्टी के बावजूद जिले के सभी कार्यालय और बैंक खुले रहे। यहां कर्मचारी और अधिकारी देर शाम तक लेखा-जोखा सहेजने और उसे पूर्ण करने में मशगूल दिखाई दिए। वित्तीय वर्ष के सरकारी योजनाओं पर हुए खर्च का ब्योरा एकत्र करने के साथ ही उससे जुड़े कागजों को पूर्ण करने का काम कार्यालय अवधि के समाप्ति तक चलता रहा। इसमें सबसे अधिक परेशान कलेक्ट्रेट, विकास भवन, शिक्षा व स्वास्थ्य विभाग के साथ अर्थ व संख्या विभाग के अधिकारी और कर्मचारी रहे। बैंकों में रविवार को करीब 140 करोड़ का लेनेदेन हुआ।
वित्तीय वर्ष 2018-19 रविवार को समाप्त होने के साथ ही एक अप्रैल से नया वित्तीय वर्ष 2019-20 शुरू हो जाएगा। मार्च माह के अंतिम सप्ताह में सभी विभागों में फाइलों को निपटाने का काम तेज हो गया। एक सप्ताह से कर्मचारी सरकारी खर्चों का ब्योरा के साथ उससे संबंधित अभिलेखों को कोषागार में जमा कर रहे हैं। अवकाश के बावजूद इसके सभी सरकारी कार्यालय खुले रहे। विकास भवन, कलेक्ट्रेट, सीएमओ कार्यालय, जिला अस्पताल, बीएसए कार्यालय सहित अन्य कार्यालयों में कर्मचारी कार्य को पूरा करने में लगे रहे। वित्तीय वर्ष के अंतिम दिन लेखा जोखा दुरस्त करने और बकायों को जमा करने के लिए रिजर्व बैंक आफ इंडिया के निर्देश पर बैंक की शाखाएं खुली रही।
वित्तीय वर्ष की समाप्ति पर टैक्स जमा करने वालों को परेशानी न हो इसके लिए रिजर्व बैंक आफ इंडिया ने सभी बैंकों को रविवार को भी खुले रखने का निर्देश दिया था। जिले में राष्ट्रीयकृत और निजी बैंकों की कुल 172 शाखाएं हैं। बैंकों के खुले होने की सूचना के बाद लोग नगर की बैंक की शाखाओं में पहुंचे लेकिन नगर के सिंडिकेट बैंक की शाखा बंद रही वहीं एसबीआई की शाखा खुुली रही लेकिन उपभोक्ताओं से लेन देन नहीं किया गया। बताया गया कि सिर्फ बैंक की फाइलों को निपटाने के लिए बैंक खुली है। वहीं जिला अग्रणी बैंक के प्रबंधक जय कुमार सिंह ने बताया कि आरबीआई के निर्देश पर सभी बैंक खुले रहे। हां जिन बैंक शाखाओं में सरकारी खाता नहीं है अथवा जिनके मुख्यालय शाखा पर लेन देन हो रहा है, वे बंद थे। वहीं सहायक एलडीएम सुधीर धूसिया ने बताया कि वित्तीय वर्ष के अंतिम दिन रविवार को विभिन्न बैंकों द्वारा 140 करोड़ से अधिक का लेनदेन किया गया।