फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

धान बेचने के बाद धन के लिए चक्कर काट रहे किसान

विज्ञापन
विज्ञापन

विज्ञापन
चंदौली। केंद्र और प्रदेश सरकार किसानों को आर्थिक रूप से मजबूत करने और उनकी उपज का समय पर भुगतान करने के दिशा-निर्देश भले दे दिए हों लेकिन हाल यह है कि धान क्रय केंद्रों पर बेचने के बाद भी उनका भुगतान अब तक नहीं हुआ है। जिले में तकरीबन तीन हजार ऐसे किसान हैं जिनका अभी 10 करोड़ रुपये से अधिक का बकाया है। अब वे भुगतान के लिए प्रशासन और संबंधित विभागों का चक्कर काट रहे हैं।
धान धरीद के लिए जिले में आठ क्रय एजेंसियों के माध्यम से 88 क्रय केंद्र खोले गए थे। जहां 24 हजार से अधिक किसानों से एक लाख 95 हजार एमटी से अधिक धान की खरीद की गई। विभाग की ओर किसानों को भुगतान करने में देरी होने से किसानों में निराशा है। भुगतान करने में जहां विपणन शाखा पहले स्थान पर है। वहीं पीसीएफ की हालत सबसे खराब है। पीसीएफ की ओर से लगभग तीन हजार किसानों का दस करोड़ 75 लाख का भुगतान होना शेष है। वहीं अन्य क्रय एजेंसियां एनसीसीसीएफ, एफसीआई, पीसीयू द्वारा शत प्रतिशत भुगतान का दावा किया जा रहा है।
विज्ञापन
विज्ञापन

इनसेट
किसने कितना खरीदा
एजेंसी किसान मात्रा (एमटी में)
खाद्य विभाग 4560 37320
पीसीएफ 7334 55301
यूपी एग्रो 2745 16682
क. क. नि. 1631 1665
एनसीसीएफ 1965 16525
नैफेड 4026 40185
पीसीयू 3755 29571
एफसीआई 647 3729
कोट.......
धान बेचने वाले किसानों के खाते में पैसे भेजे जा रहे है। केवल पीसीएफ के द्वारा ही भुगतान में देरी की गई है। पीसीएफ प्रबंधक को भी जल्द से जल्द किसानों के खाते में पैसा भेजने का निर्देश दिया गया है। बाकी एजेंसियों की ओर से शत प्रतिशत भुगतान कर दिया गया है। अनूप श्रीवास्तव, जिला खाद्य विपणन अधिकारी।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें