चकिया। महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार योजना को कृषि से जोड़ने की कवायद आरंभ हो गई है। मनरेगा को कृषि विविधीकरण योजना के तहत जोड़ने के लिए आवंटित बजट से पशु शेड बनाने की तैयारी है। इसके तहत गौशाला, बकरीशाला एवं सुअरशाला बनाने की योजना है। वहीं इनके गोबर से जैविक उर्वरक बर्मी कंपोस्ट खाद भी बनाई जाएगी। इस योजना को पहले चरण में जिले के छह ब्लाकों के 25 गांवों में प्रारंभ किया जाएगा।
मनरेगा के तहत गौशाला निर्माण के लिए दो गाय पर 85 हजार, चार गाय पर 1.88 लाख, 10 बकरी पर 80 हजार, 20 बकरी पर 1.26 लाख रुपये आवंटित होंगे। वहीं सुअर शेड बनाने के लिए 80 हजार रुपये आवंटित होंगे तथा जैविक खाद बर्मी कम्पोस्ट बनाने के लिए 14 हजार रुपये की धनराशि खर्च होगी। इस योजना में लघु सीमांत किसानों को वरीयता दी जाएगी। डीसी मनरेगा धर्मजीत सिंह के अनुसार जिले के चकिया ब्लाक में 5 गांव, नियामताबाद ब्लाक में 4 गांव, चंदौली ब्लाक में 3 गांव, चहनियां ब्लाक में 6 गांव, धानापुर ब्लाक में 2 गांव तथा शहाबगंज ब्लाक में 5 गांवों का चयन किया गया है। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री समग्र ग्रामों में इस योजना को लागू करने को प्राथमिकता दी जाएगी। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा कृषि विविधीकरण परियोजना के तहत पशुपालन के विकास के लिए यह मजदूर परक योजना लागू की गई है।