स्वास्थ्य महकमा के दावों को झुठलाते हुए क्षेत्र के ककरैत गांव में डायरिया ने पांव पसार दिया है। डायरिया की चपेट मे आने से गुरुवार को अंश कुमार शर्मा नामक दो वर्षीय मासूम की मौत हो गई। इसके अलावा डायरिया से पीड़ित करीब दर्जन भर लोगों का इलाज निजी अस्पताल में चल रहा है।
गुरुवार को ग्राम प्रधान की सूचना पर एडिशनल सीएमओ नीलम ओझा स्वास्थ्य कर्मियों की टीम के साथ गांव में पहुंची। टीम के सदस्यों ने पीड़ितों व अन्य जरूरतमंदों में क्लोरीन, ओआरएस के पैकेट सहित संबंधित दवाओं का वितरण किया। विभाग ने गांव में डायरिया फैलने का मुख्य कारण साफ सफाई का अभाव व दूषित पेयजल का उपयोग करना बताया है। मंगलवार की देर शाम से डायरिया ने गांव में अपने पांव पसारना शुरू किया और एक- एक कर दर्जनों लोग डायरिया की चपेट में आ गए। इससे विनोद शर्मा के दो वर्षीय पुत्र अंश की हालत काफी खराब हो गई। परिजन जब तक उसे इलाज के लिए ले जाते, उसने दम तोड़ दिया। इसके अलावा गांव में सात वर्षीय रोशन, नौ वर्षीय रोहित, इसरावती देवी (60), रामसुधार साव (45), प्रमोद शर्मा, बृजेश गोंड़, बृजकिशोर गुप्ता, दिनेश गुप्ता, मीरा देवी, विनोद शर्मा भी डायरिया की चपेट में आ चुके हैं। इनका इलाज आदर्श नुआंव और देवहलिया स्थित निजी अस्पताल में चल रहा है। स्वास्थ्य विभाग की टीम में प्रभारी चिकित्साधिकारी बरहनी डॉ. रितेश कुमार, डॉ. गौरव नंदन, डॉ. सूर्य प्रकाश, रूपेंद्र यादव, इंद्रकला सिंह, सुदामा शामिल रहे। प्रधानपति नंदकुमार राय ने गांव में जल्द ही साफ सफाई कराए जाने का आश्वासन दिया है।