नियामताबाद। औद्योगिक क्षेत्र में निर्माणाधीन बदहाल सड़कों की जांच के लिए शुक्रवार को ग्रामीण अभियंत्रण विभाग और यूपीएसआइडीसी के अधिकारी रामनगर फेज दो पहुंचे। वहां अधिकारियों ने उद्यमियों के साथ निर्माणाधीन सड़क की गुणवत्ता को देखा और और मानक के अनुरूप निर्माण कराने को कहा।
अमर उजाला ने औद्योगिक क्षेत्र की बदहाल सड़कों को 25 अप्रैल के अंक में प्रमुखता के साथ उठाया था। इसके बाद कार्यदायी संस्था आरईएस के अधिशासी अभियंता एके त्रिपाठी ने औद्योगिक क्षेत्र फेज दो में बन रहे सीसी रोड की खुदाई कराकर मानकों की जांच की।
औद्योगिक क्षेत्र को मॉडल औद्योगिक क्षेत्र बनाने के लिए शासन की ओर से सड़कों का निर्माण कार्य कराया जाना है। 11 मार्च को क्षेत्रीय सांसद डा. महेंद्रनाथ पांडेय ने आठ करोड़ 59 लाख रुपए की लागत से होने वाले विकास कार्यों का शिलान्यास किया था। निर्माण कार्य की जिम्मेदारी ग्रामीण अभियंत्रण विभाग को दी गई है। ग्रामीण अभियंत्रण विभाग ने सबसे पहले फेज में दो सीसी सड़कों का निर्माण कराना शुरू कराया गया। निर्माण कार्य में किसी भी तरह की लापरवाही न हो विभागीय अधिकारियों की टीम शुक्रवार को जांच पड़ताल करने पहुंची थी। शुक्रवार को अधिशासी अभियंता एके त्रिपाठी अधीनस्थों व उद्यमियों के साथ निर्माण कार्यों का जायजा लिया। इस दौरान अधिशासी अभियंता ने कहा कि सीसी सड़कों को मॉडल औद्योगिक क्षेत्र के अनुरूप बनाया जा रहा है। निर्माण कार्य की निगरानी यूपीएसआईडीसी व प्रदेश के आला अधिकारी भी कर रहे हैं। इस मौके पर रामनगर औद्योगिक एसोसिएशन के अध्यक्ष देव भट्टाचार्य, अवर अभियंता एसपी सिंह, सिद्धार्थ अग्रवाल, कोटिल्य जायसवाल मौजूद रहे।