मुगलसराय। नगर के रेलवे यार्ड में सिकटिया पुल के समीप इंजन रिवर्स सिस्टम परिसर में बुधवार को सैकड़ों मृत सर्प मिले। सूचना पाकर पहुंची वन विभाग की टीम ने मृत सर्पों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा। आशंका है कि सर्प तस्कर ट्रेन से लेकर जा रहे थे, मर जाने के बाद रेल पटरी पर फेंककर फरार हो गए। परिसर में तीन सर्प जिंदा भी छिपे मिले।
डीजल लोको शेड के आगे सिकटिया पुल के समीप डीजल इंजन को घूमाने के लिए बड़ा सा गड्ढा बनाकर उसमें रेलवे लाइन बिछाई गई है और घुमाने का सिस्टम लगाया गया है। बुधवार की सुबह नौ बजे मवई इलाके के राजू चौहान, महादेव, कलंदर, भानू, रवि, बाबू आदि खेलने के लिए निकले थे। इस बीच भयंकर दुर्गंध वे गड्ढे के समीप पहुंचे तो एक स्थान पर सैकड़ों मृत सर्प देख कर भौचक रह गए। किशोरों के शोर मचाने पर आस पास के लोग भी एकत्र हो गए। इस दौरान तीन सर्प परिसर में टहलते दिखे। किशोरों को देख कर सर्प झाड़ियों में और बिल में छिप गए। देखते ही देखते मौके पर भीड़ जुट गई। इन मृत सर्पों में कीड़े पड़ गये थे और भयंकर दुर्गंध आ रहा था। आशंका है कि तस्कर सर्पों को ट्रेन से लेकर जा रहे होंगे और बोरे में बंद सर्प को मृत समझ कर ट्रेन रुकते ही नीचे उतर कर फेंक दिया होगा। सूचना पाकर आरपीएफ वेस्ट पोस्ट की टीम और जीआरपी प्रभारी आरके सिंह पूरी टीम के साथ पहुंच गए। दोपहर 12 बजे के करीब मुगलसराय वन रेंजर प्रदीप मिश्र पहुंचे और मृत सर्प को बोरे में भर कर साथ ले गए। बताया कि सर्प मृत होकर सड़ गए हैं। ऐसे में बिना जांच के कुछ भी नहीं कहा जा सकता है। जांच पड़ताल के बाद ही सर्प की मृत्यु कैसे हुई और मृत सर्प किस प्रजाति के हैं इसका पता चलेगा।