फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

आरक्षण काउंटर दलालों की गिरफ्त में, नहीं मिल रहा कंफर्म टिकट

विज्ञापन
विज्ञापन
मुगलसराय। मई 2018 में महानगरों से घर आने वाले और वापस जाने वाले लोगों को अभी से टिकट लेने वालों को अच्छी खासी दिक्कत उठानी पड़ रही है। लोगों का कहना है कि ओपेनिंग टिकट पर दलालों का कब्जा है जिससे आम यात्रियों को कंफर्म टिकट नहीं मिल पा रहा है। उन्हें टिकट मिलने तक वेटिंग लिस्ट एक सौ से ऊपर हो जा रही है। मुंबई, सिकंदराबाद, बंगलुरू कैंट, यशवंतपुर, नई दिल्ली, अहमदाबाद आदि जगहों पर काम रहे लोगों को टिकटों के लिए कड़ी मशक्कत करनी पड़ रही है। उनका आरोप है कि आरक्षण काउंटर पूरी तरह से दलालों की गिरफ्त में हैं। मंडल रेल प्रबंधक किशोर कुमार ने बताया कि मामले की जांच कर दलालों पर दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी। यात्रियों के साथ अन्याय बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
विज्ञापन

मंडल मुख्यालय होने के कारण यहां से जनपदवासियों को टिकट लेने में सहूलियत रहती है। इसके लिए वे भोर से ही लाइन में खड़े हो जाते हैं। लेकिन आरक्षण काउंटर खुलने के कुछ देर पहले ही दलाल पहुंचकर यात्रियों से दबंगई दिखाकर पहला टिकट लेने लगते हैं जिससे पीछे के यात्रियों को कंफर्म टिकट नहीं मिल पाता। गुरुवार को मुंबई के लिए वापसी का टिकट लेने आए धानापुर निवासी राजकिशोर ने बताया कि शीतकालीन अवकाश के चलते घर आया हूं। 27 अप्रैल 2018 को घर आने के लिए टिकट लेने मुगलसराय आया था। पौने आठ बजे एक दबंग व्यक्ति आकर अपने पहले होने का दावा कर मुझे जबरदस्ती पीछे कर दिया। बाद में मुझे कंफर्म टिकट नहीं मिल सका। अब कंफर्म टिकट के लिए तत्काल ही सहारा रह गया है। हालांकि मैने वेटिंग तो ले लिया है लेकिन उसका कंफर्म होना मुश्किल है। संघमित्रा एक्सप्रेस से बंगलुरू जाने के लिए 27 अप्रैल 2018 का एसी थ्री टियर का टिकट लेने पहुंचे आनंद नगर निवासी अनुज कुमार ने बताया कि दलालों की वजह से उसे कंफर्म टिकट नहीं मिला। अगले दिन फिर कोशिश करेगा। बताया कि शिकायत करने पर सुरक्षा तंत्र भी उन्हें पकड़ने की बजाए यात्रियों को ही धमका देते हैं जिससे दलालों का मनोबल ऊंचा है।
विज्ञापन

विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें