चकिया। विकास खंड के तिलौरी गांव स्थित हनुमान मंदिर परिसर में शुक्रवार की देर शाम अखिल भारतीय किसान सभा के तत्वावधान में कई गांवों के किसानों की बैठक हुई। इसमें सीआरपीएफ द्वारा ट्रेनिंग सेंटर बनाने के लिए चकिया विकास खंड में कई गांव में चिह्नित किये गये जमीनों की प्रक्रिया का विरोध किया गया। किसानों ने कहा कि वे किसी भी हाल में अपनी भूमिधरी जमीन ट्रेनिंग सेंटर बनाने के लिए नहीं देंगे।
बैठक में जिला मंत्री लालचंद्र सिंह ने कहा कि चकिया में जब विद्युत सब स्टेशन, नवीन सब्जी मंडी, महाविद्यालय और नौगढ़ में भेड़ा फार्म जंगल की परती जमीनों पर बनाया जा सकता है, तो किसानों की कृषि योग्य भूमि का अधिग्रहण सीआरपीएफ के ग्रुप सेंटर के लिए क्यों किया जा रहा है। यह किसानों के साथ अन्याय है। उन्होंने कहा कि बंजारी, लतीफशाह और बैरा गांव के पास जंगल की हजारों एकड़ भूमि परती पड़ी हुई है। इस पर आसानी से सीआरपीएफ का ग्रुप ट्रेनिंग सेंटर खोला जा सकता है।
बैठक में वंशलोचन मौर्य, शिवमूरत, संतोष कुमार, प्यारे सिंह, मुरारी बाबू, रामबदन, रामजानकी, जगदीश विश्वकर्मा, विजयमल आदि मौजूद रहे।
चकिया(ब्यूरो)। विकास खंड के परसियां कला गांव के दर्जनों भट्ठा मजदूरों ने शनिवार को चहनिया क्षेत्र के भट्ठा मालिक द्वारा पिछले कई सालों के बकाए मजदूरी का भुगतान न करने तथा कोतवाली में पंचायत के बाद दिए गए चेक के बाउंस होने से नाराज मजदूरों ने गांव में ही प्रदर्शन किया। मजदूरों ने कहा कि उनके बकाए का भुगतान नहीं किया गया तो वे आमरण अनशन करेंगे।
परसियां कलां गांव के नवयुवक मंगल दल के अध्यक्ष सुनील कुमार ने बताया कि बलुआ थाना क्षेत्र के मरदहां गांव के एक ईट-भट्ठे पर उनके गांव के मजदूर पिछले कई वर्षों से काम कर रहे थे। भट्ठा मालिक द्वारा मजदूरों का लाखों रुपये के बकाये का भुगतान न करके मजदूरों को भगा दिया गया था। तीन महीने पूर्व चकिया कोतवाली में मजदूरों और भट्ठा मलिक के बीच हुए समझौते में भट्ठा मालिक द्वारा दिया गया चेक भी बाउंस हो गया। प्रदर्शन करने वालों में अजय, राजनाथ, सिरजू, मग्गू, विजय, लोटन, पिंटू, प्रकाश, छोटक, बाड़े आदि मौजूद रहे।
कृष्ण मुरारी मिश्र
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