दिल्ली के प्रदूषण का असर पूर्वांचल में भी आ गया है। शुक्रवार को कोहरा और धुंध से दृश्यता बेहद कम हो गई और वाहनों को दिन में भी लाइट जलाकर चलना पड़ा। शुक्रवार को वाराणसी में वायु प्रदूषण शुक्रवार को लखनऊ और कानपुर तुलना में ज्यादा रहा। प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने पीएम-2.5 की मात्रा 482 मापी। ये बेहद बारीक कण होते हैं, जो सांस के सहारे फेफड़े में पहुंच जाते हैं।
मौसम विभाग के अनुसार दिल्ली और एनसीआर क्षेत्र के स्मॉग और फॉग का असर पूर्वांचल में है। जब तक पछुवा हवा तेज रफ्तार से नहीं चलेगी, मौसम इसी तरह रहेगा। दो से तीन दिन तक इसी तरह आसमान में धुंध छाए रहने की संभावना है।
बीएचयू के मौसम विज्ञानी प्रो. एसएन पांडेय का कहना है कि जमीन की सतह से तीन किमी की ऊंचाई पर पछुवा हवा चल रही है। यह हवा जब नीचे आएगी तभी मौसम साफ होने की उम्मीद की जा सकती है।
स्मॉग और फॉग हादसों का सबब भी बना। गाजीपुर में कोहरे के चलते ट्रक की टक्कर से एक महिला की मौत हो गई और जौनपुर में हादसों में तीन लोग घायल हो गए तो ट्रेनें भी लेट हुईं।
पूर्वांचल के जनपदों बलिया, सोनभद्र, गाजीपुर, मऊ, आजमगढ़, मिर्जापुर, जौनपुर, चंदौली और में शुक्रवार को सुबह से ही कोहरा और धुंध का असर रहा। इससे वाहनों की रफ्तार थम सी गई और दिन में भी लाइट जलाकर चलना पड़ा।
गाजीपुर में दुल्लहपुर रेलवे क्रासिंग पर सुबह लगभग छह बजे तेज रफ्तार ट्रक ने कोहरे के चलते एक खड़े ट्रक में टक्कर मार दी। इससे ट्रक रेलवे फाटक तोड़ते हुए ट्रैक पर जा पहुंचा और उसकी चपेट में आने से झरिया निवासी कुंवारी देवी (60) की मौत हो गई, जबकि एक अन्य घायल हो गया।