पीडीडीयू नगर। नगर पालिका प्रशासन की ओर से कूड़ा निस्तारण की व्यवस्था नहीं होने से लोगों के स्वास्थ्य के लिए खतरनाक होता जा है। आलम यह है कि एनजीटी की ओर से कूड़े को जलाने पर प्रतिबंध लगाए जाने के बाद भी पालिका नगर से निकले कूड़े को आलमपुर स्थित जीटी रोड के किनारे पीडब्ल्यूडी की जमीन पर फेंकवाया जा रहा है। यह से कूड़ा न हटाए जाने के कारण उसमें कई कारणों से आग लग जाती है। जिससे हमेशा कूड़ा सुलगता रहता है जो स्वास्थ्य के लिए खतरनाक बना हुआ है।
पालिका परिषद के विभिन्न वार्डों से प्रतिदिन लगभग 35 मिट्रिक टन कूड़ा निकलता है। पालिका के कूड़ा ढोने वाले वाहनों से कूड़ा एकत्र कराकर उक्त जमीन पर फेंकवा दिया जा रहा है। इससे यहां हमेेशा कूड़े का अंबार लगा रहता है। अक्सर कूड़े में आग लग जाती है। जिससे गीला कूड़ा सुलगता रहता है। कूड़े के ढेर में प्लास्टिक की मात्रा ज्यादा होने के कारण इससे उठने वाला धुआं लोगों की मुसीबत बन गया है। आसपास रहने वाले लोग इससे काफी परेशान हैं। शिकायत करने के बाद भी इसे रोकने के लिए कोई कार्रवाई नहीं हो पा रही है।
कूड़ा निस्तारण को लेकर पालिका प्रशासन गंभीर है। इसके लिए स्थान का चयन कर लिया गया है। लोकसभा चुनाव के बाद वहां गीले व सूखे कूड़े के अलग-अलग निस्तारण की व्यवस्था कर दी जाएगी साथ ही गीले कूड़े से खाद बनाने की योजना भी बनाई जा रही है। - रोली गुप्ता, ईओ, नगर पालिका परिषद, पीडीडीयू नगर
-इस संबंध में आलमपुर निवासी राहुल पहलवान ने बताया कि कूड़े से लगातार उठ रहा धुंआ, लोगों के स्वास्थ्य पर विपरीत असर डाल रहा है। इससे लोगों को सांस संबंधित कई बीमारियां होने लगी हैं।
-वहीं बसंतु की मड़ई निवासी सत्येंद्र यादव ने कहा कि कूड़े के कारण लोगों का सड़क पर चलना दुश्वार हो गया है। कूड़े के ढेर में अक्सर आग लग जाती है जिससे कूड़ा सुलगने लगता है और जहरीला धुंआ निकलता रहता है। पालिका प्रशासन को शीघ्र कूड़ा निस्तारण की व्यवस्था करनी चाहिए।
-भगवती ने बताया कि पालिका प्रशासन यहां कूड़ा फेंककर चला जाता है। इस कूड़े के ढेर पर दिन-रात अवारा पशु मंडराते रहते हैं जिससे स्वाइन फ्लू जैसे बीमारियां के होने की संभावना बढ़ गई है। वहीं आवागमन में भी लोगों को परेशानी उठानी पड़ रही है।
-अवधेश चौरसिया का कहना है कि कूड़े के ढेर के कारण जीटी रोड पर चलना दुश्वार साबित हो रहा है। चार पहिया वाहन सवार तो किसी प्रकार निकल जाते हैं लेकिन दो पहिया वाहन, सायकिल सवार व पैदल चलने वाले राहगीरों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है।