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चुनाव में अपूर्ण खर्च दिखाने वाले प्रत्याशी होगे अयोग्य

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चंदौली। लोकसभा चुनाव को लेकर आयोग पूरी तरह से सर्तक है। चुनाव की प्रक्रोिया में किसी तरह की गड़बड़ी न होने पाए इसको लेकर कई कमेटी गठित की गई है। कमेटी प्रत्याशियों के खर्च के ब्योरे पर विशेष नजर होगी। यदि प्रत्याशियों ने खर्च का ब्योरा अपूर्ण दिखाई तो आयोग उसे अयोग्य घोषित करेगा।
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लोकसभा चुनाव लड़ने वाले प्रत्याशी खर्च के ब्योरे में कोई हेरफेर न करें, नहीं तो जांच में हेरफेर मिला तो आयोग का डंडा चलना तय है। आयोग ने गलत चुनाव खर्च दिखाने अथवा खाता अपूर्ण होने को भी गंभीरता से लिया है और यह साबित हो गया, तो भी प्रत्याशी अयोग्य घोषित किया जा सकता है। चुनाव के बाद जिला निर्वाच अधिकारी को प्रत्याशी द्वारा दिखाए गए चुनावी खर्च की जाँच कर आयोग को रिपोर्ट देनी होगी। निर्वाचन आयोग द्वारा चुनावी व्यय पर ऩजर रखने के लिए जिला और विधानसभा क्षेत्र स्तर पर प्रेक्षक और सहायक प्रेक्षक नियुक्त किया जाएगा। यह प्रेक्षक व्यय अनुवीक्षक टीम, वीडियो निगरानी टीम के माध्यम से प्रत्याशी के प्रचार पर ऩजर रखी जाएगी। साथ ही स्टैटिक सर्वेलांस टीम भी काम करेगी। यह टीम चेकपोस्ट बनाकर सड़क मार्ग से आने वाले ऩकद रुपये, आर्म्स व शराब की आवक पर ऩजर रखेगी और साथ एकाउंटिंग की टीम रहेगी। बैंक प्रबंधक को भी अधिक राशि निकलने की सूचना जिला निर्वाचन अधिकारी को देनी होगी। बैंक से निकली राशि का उपयोग चुनाव में होने पर उस व्यक्ति से पूछताछ भी हो सकती है।



बैठक में कर्मचारी पहुंचने पर डीएम नाराज, किया बाहर
चंदौली। लोकसभा चुनाव की तैयारियों को लेकर सोमवार को कलेक्ट्रेट में आयोजित बैठक में जिला निर्वाचन अधिकारी/ डीएम नवनीत सिंह चहल तेवर में थे। बैठक में जिला पंचायत के अपर मुख्य अधिकारी कमलेश सिंह के बदले कार्यालय के एक कर्मचारी के पहुंचने पर वह बिफर पड़े। उन्होंने कर्मचारी को बैठक से बाहर कर दिया। वहीं चेताया कि अगली बैठक में शामिल नहीं होने पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। इसके अलावा उन्होंने चुनाव में जिम्मेदारी संभाल रहे अधिकारियों को हिदायत दी कि लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
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बैठक के दौरान जिला निर्वाचन अधिकारी नवनीत सिंह चहल चुनाव की तैयारियों की समीक्षा कर रहे थे। उन्होंने कहा कि अधिकारियों को जो जिम्मेदारी दी गई है उसे समय पर करें। अनुमति के बगैर यदि कोई अधिकारी मुख्यालय छोड़ेगा तो उसकी जिम्मेदारी होगी और कार्रवाई की जाएगी। वहीं जिला सूचना विज्ञान अधिकारी डाटा फिडिंग की सही जानकारी नहीं दे सके। इस पर डीएम के नाराजगी जताई और गंभीरता से कार्य करने की नसीहत दी। डीआईओएस और बीएसए को निर्देश दिया कि जिन विद्यालयों में बाहर से आने वाली फोर्स को रुकने की जो व्यवस्था की गई है उसकी सूची एसपी को उपलब्ध करा दें। साथ ही युवा मतदाताओं को जागरुक करने के लिए इंटर कालेज और डिग्री कालेजों में जागरुकता कार्यक्रम आयोजित करने के लिए डीआईओएस को निर्देश दिया। सभी एसडीएम को निर्देश दिया कि सीओ और थाना प्रभारियों संग क्षेत्र में भ्रमण करें, अफवाह, अराजकता फैलाने वालों को खिलाफ कड़ी कार्रवाई करें। साथ ही 18 वर्ष से अधिक उम्र के युवाओं को मतदाता बनाने के लिए तहसीलवार बीएलओ के साथ समीक्षा करने का निर्देश दिया। कहा कि पिछले चुनाव के अधिक मतदान इसके लिए सभी को गंभीरता से कार्य करने होगे। सीएमओ को निर्देश दिया कि चुनाव के दौरान मतदान कर्मियों के लिए भेजी जाने वाली दवाओं का परीक्षण अनिवार्य है। एक्सपायरी डेट की दवा मिलने पर उनके खिलाफ कठोर कार्रवाई होगी। इस दौरान उन निर्वाचन अधिकारी बच्चालाल, प्रभारी कार्मिक डा. एके श्रीवास्तव, कोषाधिकारी सदन गोपाल मिश्र, बीएसए भोलेंद्र प्रताप, डीआईओएस डा. विनोद कुमार राय, सीएमओ डा. आरके मिश्र मौजूद रहे।
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