चकिया। काशी नरेेश के बैराठ फार्म में सिलिंग से निकली भूमि पर लंबे समय से खेती कर रहे किसानों को खेती करने से रोकने के विरोध में गांधी पार्क में सीपीएम के नेतृत्व में बैराठ के किसानों का धरना चौथे दिन भी जारी रहा।
धरने में वक्ताओं ने कहा कि काशी नरेश के बैराठ फार्म की भूमि सिलिंग में अतिरिक्त घोषित की जा चुकी हैं लेकिन कानूनी दाव-पेंच के कारण यह जमीन गरीब किसानों में नही वितरित की जा सकी। 1998 में इस जमीन को लेकर काशी नरेेेश, स्थानीय प्रशासन तथा सीपीएम के बीच एक समझौता हुआ। इसके तहत जमीन पर खेती आरंभ हुई, लेकिन पूर्ववर्ती सपा सरकार के दौरान स्थानीय प्रशासन के दबाव के कारण जमीन को कुर्क करके खेती कर रहे किसानों को खेती से वंचित कर दिया गया। इससे किसान बेरोजगार हो गए हैं। धरने के दौरान पहुंचे लाल झंडा पत्थर खदान मजदूर यूनियन के नेता महानंद ने बैराठ के किसानों को समर्थन की घोषणा की। इस दौरान महानंद डॉ. हबिबुल्ला, जय प्रकाश विश्वकर्मा, विमल कुमार मौर्य, धर्मराज, बजरंगी चैहान, अंतूराम, लालचंद, श्रीप्रसाद, शंभूनाथ यादव, राम अचल यादव, रामदुलार आदिवासी ने विचार व्यक्त किए। अध्यक्षता कैलाशनाथ ने तथा संचालन शामू मुसहर ने किया।