बबुरी/नियामताबाद। बबुरी थाना क्षेत्र अंतर्गत चंदाईत गांव में गुरुवार की देर शाम कब्रिस्तान में शव दफनाने को लेकर विवाद हो गया। यहां शिया और सुन्नी दोनों पक्ष के लोग कब्रिस्तान पर अपना कब्जा बता कर आमने सामने हो गए। मामला गंभीर होता देख वहां सीओ चकिया के अलावा अलीनगर, बबुरी पुलिस और एक प्लांटून पीएसी की तैनाती की गई। बावजूद इसके देर रात तक गांव में तनाव की स्थिति बनी रही।
गांव के कब्रिस्तान पर कब्जे को लेकर पिछले पांच वर्षों से तनाव की स्थिति है। शिया इसे अपना बताते हैं तो सुन्नी इस पर अपना हक जमाती है। एक वर्ष पहले इसी विवाद में पुलिस और राजस्व विभाग ने कब्रिस्तान को तीन भागों में बांट दिया। एक भाग पर शिया मुसलमान, दूसरे पर सुन्नी और तीसरे भाग पर साई को शव दफनाने का अधिकार दिया। बावजूद इस पर तनाव बना हुआ है। गांव निवासी सुन्नी सुहैल शाह के घर बुधवार को जुड़वा बच्चों ने जन्म लिया लेकिन गुरुवार को दोनों का इंतकाल हो गया। देर शाम सुहैल शाह शव दफनाने कब्रिस्तान में गया तो शिया पक्ष के कमरूल हसन ने शव दफनाने पर रोक लगा दी। बताया कि वर्षों पहले शिया के कब्रिस्तान पर फकीरों का कब्जा हो गया। ऐसे में इस कब्रिस्तान पर शियाओं का कब्जा है। इसको लेकर दोनों पक्ष के लोग आमने सामने हो गए। देर रात सीओ त्रिपुरारी पांडेय के समझाने पर शवों को दफन कियागया लेकिन तनाव की स्थिति रही। इस संबंध में सीओ चकिया त्रिपुरारी पांडेय ने बताया कि दोनों पक्षों को समझा बुझाकर मामला शांत करा दिया गया है। अब गांव में शांति व्यवस्था कायम है।