चहनियां। क्षेत्र के बलुआ स्थित नव निर्मित पक्का पुल का नामकरण महर्षि बाल्मिकि के नाम पर करने के लिए ग्रामीणों द्वारा आयोजित अनिश्चित कालीन धरना गुरुवार को भी जारी रहा। इस दौरान वक्ताओं ने केन्द्र और राज्य सरकारों पर क्षेत्र की उपेक्षा करने का आरोप लगाया गया। चेताया कि लोगों की मांगों पर घ्यान नहीं दिया गया तो ग्रामीण उग्र आंदोलन करेंगे। जिसकी पूरी जिम्मेदारी शासन प्रशासन की होगी।
बताते चले कि नव निर्मित पक्का पूल के नामकरण को लेकर कई संगठन अपनी अपनी राग अलाप रहे है। जिसमें बाबा कीनाराम, शहीद बेचन सिंह मौर्य तो बलुआ क्षेत्र के ग्रामीण पंकज सिंह के नेतृत्व में महर्षि बाल्मिकि के नाम पर पुल का नामकरण करने के लिये बुधवार से पक्का पुल के पास अनिश्चित कालीन धरने पर बैठे है। इस दौरान वक्ताओं ने कहा कि बलुआमहर्षि बाल्मिकि की तपोभूमि रही है और लव कुश का जन्मस्थल भी हैं। कहा कि पुल के नामकरण करने से पहले सरकार को एक सर्वे करा लेना चाहिये। जिससे इस पर ओछी राजनीति करने वाले लोगों को करारा जवाब मिल सके। वहीं हिन्दु युवा वाहिनी के ब्लाक अध्यक्ष अतुल सिंह रघुवंशी ने कहा कि क्षेत्र और लोगों की आस्था का सम्मान करते हुए प्रदेश सरकार को पुल का नामकरण बाल्मिकि के नाम पर करने की घोषणा करना चाहिए। कहा कि वह संगठन के माध्यम से लोगों की मांग को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को अवगत कराएंगे। इस दौरान मनोज सोनकर, किशन सेठ, शशिकांत गुप्ता, जितेन्द्र सेठ, अंकित जायसवाल, जूगनू, आशीष पासवान, प्रिंस चौरसिया, फिरोज अली, कलावती, सुशीला, कुलदीप निषाद, विश्वजीत सिंह, सौरभ गुप्ता, राजू, दीपक, गोलू, रामू, छोटू, आदि मौजूद रहे।