चंदौली। बेसिक शिक्षाधिकारी कार्यालय परिसर में आंदोलनरत शिक्षामित्रों ने तीन दिवसीय धरने के दूसरे दिन शुक्रवार को मुख्यालय पर तिरंगा यात्रा निकालकर अपनी आवाज बुलंद की। माध्यमिक शिक्षक संघ, अनुदेशक और किसान यूनियन ने भी शिक्षामित्रों अपना समर्थन प्रदान करते हुए जुलूस में अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। शिक्षामित्रों ने प्रदेश सरकार को चेतावनी देते हुए कहा कि अब लड़ाई आर या पार की होगी।
इससे पूर्व धरने के दौरान शिक्षामित्रों ने कहा कि शिक्षामित्रों ने कहा कि समायोजन रद्द होने के बाद प्रदेश के एक लाख 70 हजार शिक्षामित्र सड़क पर आ चुके हैं। आंदोलन के अलावा उनके पास कोई विकल्प शेष नहीं रह गया है। शिक्षामित्रों के सत्रह वर्ष के कार्यकाल को देखते हुए प्रदेश सरकार को सहयोगी की भूमिका में आना चाहिए। लेकिन सरकार अपने ही वादे से पीछे हट रही है। शिक्षामित्रों का समायोजन रद्द हुए एक पखवारे से अधिक का समय बीत चुका है। लेकिन प्रदेश सरकार ने अभी तक शिक्षामित्रों के हितार्थ कोई निर्णय नहीं लिया है। कहा कि सरकार अध्यादेश लाकर शिक्षामित्रों का सम्मान पुन: लौटाए और उनको शिक्षक के पद पर बरकार रखे। वहीं विभिन्न संगठनों ने शिक्षामित्रों को अपना समर्थन दिया और उनके संघर्ष में सहयोग का भरोसा दिलाया। अंत में शिक्षामित्रों ने धरनास्थल से तिरंगा यात्रा निकाली और विकास भवन तक गए। महिला शिक्षामित्रों ने भी बढ़-चढ़ कर कार्यक्रम में हिस्सा लिया और धरने के दौरान डटी रहीं। इस अवसर पर बृजेश सिंह, सत्येंद्र सिंह, भूपेंद्र सिंह, संतोष यादव, हेमंत मौर्य, संगीता सिंह, जेपी पांडेय, विजयश्याम तिवारी, राजेश सिंह आदि रहे।