सतपोखरी, शकूर का भट्टा, भीसौड़ी बंजर समेत कई गांव में डायरिया का प्रकोप थमने का नाम नहीं ले रहा है। चौथे दिन बुधवार को स्वास्थ्य विभाग की स्टेट एंबुलेंस टीम ने 76 मरीज का इलाज किया।
इनमें उल्टी-दस्त के 30 व 46 वायरल बुखार के मरीज शामिल रहे। बीमारी की रोकथाम के लिए सीएचसी की टीम ने गांव में कैंप लगाकर लोगों का इलाज कर रही हैं।
नीयमतावाद प्रभारी डा रविकांत सिंह गांव के लोगों को अपना नंबर देकर चौबीस घंटे में किसी को डायरिया का लक्षण दिखाई देता है, तो तत्काल मुझे सूचित करें।
विकास खंड नीयमतावाद के राजस्व गांव सतपोखरी, शकूर के भट्टा व भीसौड़ी बंजर पर अगर बरसात को देखते हुए साफ सफाई किया गया होता, तो आज गांवों में गंदगी का अंबार नहीं होता।
पिछले कुछ दिनों पूर्व बारिश होने के कारण गांव की नालियों व गलियों में जलभराव हो गया था। पेयजल दूषित हो गया था। इन गांव के लोगों ने दूषित पानी का प्रयोग किया, जिस कारण डायरिया से पीड़ित हो गए।
टीम ने गांव में कैंप लगाकर 76 लोंगो का इलाज किया। डायरीया के मो वाकिफ (35), मैहरुनिशा (31) असलम (10), गुलाम अंसारी(45), शबाना आजमी (23), शबापरवीन (26), रुखसाना बेगम (28), इम्तियाज अली (32), नाजिम (16), फातिमा (32), नाजिया (16), सुलेमान (38), अब्दुल (40), शकीला बानो (55), रेशमा (38), मो अयूब (25), बदरेआलम (31), मो फिरोज (30), इम्तियाज (10), अनवर (9) नए मरीज मिले, जिनका इलाज तत्काल स्वास्थ्य विभाग की टीम ने किया।
पानी उबालकर पीने की दी सलाह
नियमतावाद प्रभारी डा रविकांत सिंह ने बताया कि चौथे दिन कुल 76 मरीजों का इलाज कर दवा का वितरण किया गया। डायरिया प्रभावित लोगों को आवश्यक दवाएं और ओआरएस मुहैया कराया गया। ग्रामीणों को पानी को उबालकर व छानकर पीने की सलाह दी गई। खाना खाने से पहले हाथ धूलें, साफ सफाई का ध्यान रखें। प्रभारी निरीक्षक ने अपना नंबर गांव में वितरण किया और अगर किसी को उल्टी दस्त होता हैं तो इस नंबर पर तत्काल सूचना दें, 15 मिनट में डाक्टर आपके पास होंगे। इस अवसर पर स्टेट एम्बुलेंस के डॉ. नवीन कुमार सिंह, एलटी देवेन्द्र मिश्रा, फार्मासिस्ट अंकित कुमार प्रजापति, नर्स सुषमा व पायलट शहनाज पांच सदस्यीय मेडिकल टीम कैंप में उपस्थित रही।