लावारिस ट्रक से 7,200 शीशी कोडीन युक्त कफ सिरप बरामद
ताराजीवनपुर। अलीनगर थाने की पुलिस ने बुधवार को रिंग रोड स्थित कोरी अंडरपास के पास लावारिस खड़े एक ट्रक से 7,200 शीशी कोडीन युक्त कफ सिरप बरामद किया है। इसे मुर्गी के दाने की बोरियों के नीचे छिपाया गया था। पुलिस ने सिरप और ट्रक को कब्जे में ले लिया है। मामले में प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है।
सीओ अरुण कुमार सिंह ने बृहस्पतिवार को यह जानकारी दी। उन्होंने अलीनगर थाने में बताया कि बुधवार को सूचना मिली थी कि कोरी अंडरपास के पास एक लावारिस ट्रक खड़ा है। इसके बाद प्रभारी निरीक्षक गगनराज सिंह के नेतृत्व में पुलिस टीम मौके पर पहुंची और ट्रक की तलाशी ली। ट्रक में मुर्गी के दाने के नीचे छिपाकर रखी 36 बोरियां मिलीं। इन बोरियों में 72 पेटियों में भरा 7,200 शीशी (720 लीटर) कोडीन युक्त कफ सिरप बरामद हुआ। इनमें 3,600 शीशियां एक और 3,600 शीशियां दूसरे ब्रांड की हैं। पुलिस ने ट्रक के केबिन से जीपीएस डिवाइस भी बरामद किया है।
सीओ ने बताया कि कफ सिरप के नमूने जांच के लिए लखनऊ स्थित प्रयोगशाला भेजे गए हैं। पुलिस ट्रक मालिक राहुल कुमार, निवासी नासुपुर सजैती, पोस्ट मंडई, जनपद फिरोजाबाद समेत अन्य संभावित आरोपियों की भूमिका की जांच कर रही है।
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दो जगह फेंके मिले 20 पेटी कोडीन युक्त कफ सिरप
पीडीडीयू नगर। सर्किल क्षेत्र के मुगलसराय कोतवाली और अलीनगर थाना क्षेत्र में दो सुनसान स्थानों पर 20 पेटी प्रतिबंधित कोडीन युक्त कफ सिरप फेंके मिले हैं। पुलिस इन्हें कब्जे में लेकर जांच कर रही है कि यह कैसे और किन परिस्थितियों में यहां पहुंचा है।
दस पेटी कोडीन युक्त कफ सिरप की पहली खेप बृहस्पतिवार की सुबह मुगलसराय कोतवाली क्षेत्र के रौना गांव के समीप नाले में पड़ी मिली। ग्रामीणों ने इसकी सूचना पुलिस को दी। इसके बाद पुलिस इन्हें जब्त कर कोतवाली ले आई। कफ सिरप उतराखंड के देहरादून स्थित एक कंपनी की बनी हुई है। शाम को अलीनगर थाना क्षेत्र के कैली गांव में एक सुनसान क्षेत्र के दस पेटी कफ सिरप बरामद हुआ। इस संबंध में सीओ अरुण कुमार सिंह ने बताया कि अलीनगर पुलिस ने एक ट्रक से कफ सिरप बरामद किया है। रौना और कैली गांव में मिले कफ सिरप के बैच नंबर आदि का मिलान किया जा रहा है। कफ सिरप वहां कैसे पहुंचा, इसकी जांच की जा रही है।
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इनसेट-
नवंबर में मुगलसराय कोतवाली में छह पर दर्ज हुई थी प्राथमिकी
पीडीडीयू नगर। जिले में कोडीनयुक्त कफ सिरप के अवैध कारोबार के मामले में मुगलसराय कोतवाली में नंवबर 2025 में प्राथमिकी दर्ज हुई थी। जांच में कुछ फर्मों के जरिये भारी मात्रा में सिरप की खरीद-बिक्री की बात सामने आई थी। औषधि निरीक्षक की तहरीर पर दो अलग-अलग मामलों में छह लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई थी।
औषधि निरीक्षक बृजेश कुमार मौर्य के अनुसार लखनऊ से मिली सूचना के आधार पर 15 से 18 नवंबर तक मुगलसराय और अलीनगर क्षेत्र की तीन फर्मों की जांच की गई थी। जलीलपुर स्थित समृद्धि इंटरप्राइजेज, जीवधीपुर स्थित च्वाइस डिस्ट्रीब्यूटर्स और चतुर्भुजपुर स्थित एसपी फार्मा के पते पर पहुंचने पर तीनों फर्में बंद मिलीं थीं। जांच में पता चला कि ये फर्में किराये के कमरों में संचालित थीं। भवन स्वामियों ने बताया कि किराया नहीं मिलने पर संचालकों से कमरे खाली करा लिए गए थे। वहीं, पोर्टल पर दर्ज मोबाइल नंबर भी बंद मिले थे। औषधि विभाग के अनुसार इन फर्मों ने रांची स्थित मेसर्स शैली ट्रेडर्स से भारी मात्रा में कोडीनयुक्त सिरप की आपूर्ति कराई थी। वहीं, सिंह मेडिकोज द्वारा दिल्ली की वान्या इंटरप्राइजेज से फर्जी बिलों के माध्यम से 25 अगस्त से 14 अक्टूबर के बीच 2 लाख 32 हजार 400 वायल कोडीनयुक्त कफ सिरप खरीदने का मामला सामने आया था। औषधि निरीक्षक टीम के साथ मौके पर पहुंचे तो फर्म बंद मिली थी और संचालक का मोबाइल भी बंद था। औषधि निरीक्षक की तहरीर पर सिंह मेडिकोज के प्रोपराइटर नागेंद्र कुमार सिंह और वान्या इंटरप्राइजेज के प्रोपराइटर विशाल उपाध्याय समेत चार अन्य लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई गई थी। संवाद
अलीनगर पुलिस द्वारा बरामद कोडिन सीरप। स्रोत:-जागरूक पाठक