मानसून की दगाबाजी और पंप कैनालों को पूरी क्षमता से न चलाने तथा समितियों से डीएपी-यूरिया उपलब्ध न होने से जिले के किसानों के सामने धान की रोपाई के लिए संकट उत्पन्न हो गया है। बुधवार को पूर्व सांसद रामकिशुन ने किसानों की समस्याओं के मुद्दे पर जिलाधिकारी नवनीत सिंह चहल से मुलाकात की और सिंचाई के लिए पानी एवं खाद उपलब्ध कराने की मांग की। उन्होंने चेेताया कि यदि जल्द समस्या का समाधान नहीं हुआ तो किसानों के साथ कलेक्ट्रेट घेरेंगे और आंदोलन होगा
उन्होंने डीएम से कहा कि सिंचाई विभाग के अधिकारियों की लापरवाही के चलते जनपद में धान की रोपाई बाधित है। केवल दस फीसदी किसान निजी संसाधनों से रोपाई कर पाए हैं। पूर्व सांसद रामकिशुन ने कहा कि नरायनपुर पंप कैनाल पर मात्र चार पंप ही संचालित है। जबकि उक्त कैनाल पर आठ पंप बंद पड़े हैं। ऐसे में टेल के किसानों के सामने धान की रोपाई का संकट खड़ा हो गया है। बताया कि कर्मनाशा के तटवर्तीय इलाकों में लगे लिफ्ट कैनाल भी पानी के अभाव में ठप पड़े हैं। वहीं समितियों पर खाद उपलब्ध नहीं हैं। जिससे किसान परेशान है। बाहर से दोगुने दाम पर खाद मिलने से उनके सामने समस्या उत्पन्न हो गई । नहरों और पंप कैनालों को पूरी क्षमता से नहीं चलाया जा रहा है। खराब पड़े राजकीय नलकूपों की मरम्मत अब तक नहीं कराई गई है। इसके अलावा ग्रामीण सड़कों को गड्ढा मुक्त करने, सरकारी अस्पतालों में दवा की उपलब्ध कराने और बिजली कटौती की समस्या को पूर्व सांसद ने डीएम के सामने रखा। चेताया कि सिंचाई सहित किसानों की अन्य समस्याओं का जल्द समाधान नहीं हुआ तो किसान कलेक्ट्रेट का घेराव करेंगे। जिलाधिकारी नवनीत सिंह चहल ने पूर्व सांसद को आश्वस्त किया कि जल्द ही सिंचाई विभाग के अधिकारियों के साथ बैठक करके किसानों की समस्या को प्राथमिकता के आधार पर हल कराएंगे।