मुगलसराय। वाराणसी के लहरतारा में बन रहे फ्लाईओवर की बीम गिरने के बाद भी सेतु निगम ने नहीं चेता है। चंदौली-सकलडीहा मार्ग पर बन रहे रेलवे ओवर ब्रिज (आरओबी) का निर्माण सुरक्षा मानकों को ताक पर रखकर कराया जा रहा है। सेतु निगम की लापरवाही से यहां बड़ा हादसा हो सकता है लेकिन निगम के अधिकारियों को इसकी चिंता नहीं है। जैसे तैसे उसका निर्माण कराया जा रहा है।
चंदौली-सकलडीहा मार्ग पर जाम की समस्या से निजात दिलाने के लिए आरओबी का निर्माण कराया जा रहा है। करीब सात सौ मीटर लंबे आरओबी को मार्च 2019 तक पूरा करना है। इस पर 17.77 करोड़ रुपये खर्च किए जाने हैं। हालात यह है कि जहां निर्माण हो रहा है वहां न तो सुरक्षा के उपाए किए गए हैं और न ही सर्विस रोड बनाई गई है। स्थिति वहां तब और खराब हो जाती है जब रेलवे क्रासिंग बंद होने के बाद गेट खुल जाता है। भीड़ दोनों ओर से एक साथ छूटती है ऐसे में वहां भी कभी बड़ा हादसा हो सकता है। पिलर के लिए सड़क पर गड्ढे खोदे गए हैं। पिलर का निर्माण कराया जा रहा है। खास तो यह कि इसी रास्ते से डीएम रोजाना आते जाते हैं। उनका आवास रेलवे क्रासिंग पार पालीटेक्निक परिसर में है। बगल में फास्ट ट्रैक कोर्ट का परिसर भी है। इसके चलते काफी संख्या में फरियादियों का आना जाना लगा रहता है इसके बाद भी मानकों की अनदेखी की जा रही है।
पिलर के लिए गड्ढे की खोदाई की गई इससे पूरी सड़क खराब हो गई है। मुश्किल से मौके पर 10 फीट सड़क बची है इसी में से लोगों का आवागमन होता है। पटरियों पर जो जगह बची है उसपर ठेला खोमचे वालों ने कब्जा कर रखा है। इससे आवागमन में और दिक्कत हो रही है। रेलवे गेट खुलने के बाद वहां से पैदल निकलना भी मुश्किल हो जाता है।
आरओबी निर्माण के दौरान सुरक्षा के इंतजाम किए गए हैं। राहगीरों और यात्रियों की सुरक्षा की दृष्टि से इसे और बेहतर किया जाएगा। संतराज, प्रोजेक्ट मैनेजर, सेतु निगम, चंदौली