चकिया। विश्वकर्मा समाज के तत्वावधान में सोमवार को मां काली मंदिर परिसर में पूर्व राष्ट्रपति ज्ञानी जैल सिंह का पुण्य तिथि मनाई गई। इसमें ज्ञानी जैल सिंह के कृतित्व एवं व्यक्तित्व को याद करते हुए उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की गई। इसमें वक्ताओं ने विश्वकर्मा समाज की शैक्षिक स्थिति मजबूत करने तथा राजनैतिक भागीदारी बढ़ाने का प्रयास करने का आह्वान किया।
समारोह को संबोधित करते हुए बुद्धूलाल विश्वकर्मा ने कहा कि विश्वकर्मा समाज को शिक्षित करने के लिए हर व्यक्ति को रोजगार के नए संसाधनों के साथ जुड़ना होगा। जिससे आर्थिक स्थिति में परिवर्तन हो सकेगा। उन्होंने गरीब तबके के समाज के मेधावी बच्चों को शिक्षित बनाने के लिए समाज के प्रभावशाली लोगों को आगे आने की जरूरत पर बल दिया। विशिष्ट अतिथि संगीता विश्वकर्मा ने कहा कि बच्चो में शिक्षा के प्रसार के साथ ही रोजगार परक शिक्षा की दिशा में समाज को कदम बढाने की जरूरत है। जिससे विश्वकर्मा समाज की आर्थिक स्थिति मजबूत होगी तथा उनकी राजनैतिक भागीदारी बढेगी।
कार्यक्रम के दौरान शिक्षा के क्षेत्र में विशिष्ट स्थान पाने वाले समाज की नीतू विश्वकर्मा, मीनू विश्वकर्मा, रोहित विश्वकर्मा, शशिकांत, धर्मशीला तथा कंचन को सम्मानित किया गया। इस दौरान 25 गरीबों को कंबल भी वितरित किया गया। इस अवसर पर जिलाध्यक्ष डा. जीउत बंधन विश्वकर्मा, सोमारू, मदन, श्यामबिहारी विश्वकर्मा, रामकिशोर शर्मा बेहद, सुभाष विश्वकर्मा, दिलकश भारती, जयराम, जगदीश विश्वकर्मा, विष्णु, राजेश विश्वकर्मा, विजय विश्वकर्मा, डा. भानू विश्वकर्मा, विजय बहादुर, बसंतलाल, जंगी प्रसाद, रामकेश नाथ, पारसनाथ, रामलाल, बेनी सहित तमाम विश्वकर्मा समाज के लोग मौजूद रहे। अध्यक्षता डा. रामकिषोर शर्मा बेहद व संचालन सुभाष विश्वकर्मा ने किया।