स्वच्छ रेल- स्वच्छ भारत के तहत यात्री अब स्वच्छता ऐप पर स्टेशन की गंदगी की शिकायत कर सकते हैं। रेलवे ने यह ऐप तैयार किया है। इसे अपने मोबाइल पर डाउन लोड कर यात्री शिकायत करने के साथ ही गंदगी की फोटो भी अपलोड कर सकते हैं। जिससे समस्या का निस्तारण किया जाएगा। मुगलसराय सहित देश के चुनिंदा स्टेशनों पर इसे पायलट प्रोजेक्ट के तहत शुरू किया गया है।
मुगलसराय मंडल के स्टेशनों की स्थिति सफाई को लेकर दयनीय है। जबकि गंदे रेलवे स्टेशनों की छवि सुधारने के लिए रेलवे पिछले तीन वर्षों से अभियान चला रहा है। बड़े स्टेशनों पर साफ सफाई का ठेका देने, अधिकारियों की देखरेख में साफ सफाई अभियान चलाने के साथ ही सभी महत्वपूर्ण स्टेशन पर नुक्कड़ नाटक के माध्यम से लोगों को स्वच्छता के प्रति जागरूक किया जा रहा है। पूर्व मध्य रेलवे के मुगलसराय मंडल की बात करें तो मुगलसराय से प्रतिदिन तीन सौ से अधिक ट्रेनों का आवागमन होता है और 15 से बीस हजार यात्री ट्रेनों पर सवार होते हैं। तीन वर्ष पहले देश के सबसे गंदे स्टेशनों में मुगलसराय शुमार हो चुका है। इसके बाद साफ सफाई केे लिए दस करोड़ रुपये में तीन वर्ष के लिए ठेका दिया गया। इसके बाद कुछ स्थिति सुधरी है लेकिन अभी भी पूरी तरह स्टेशन साफ सुथरा नहीं हो सका है। रेलमंत्री पीयूष गोयल के निर्देश पर पूर्व मध्य रेलवे ने इंटेल कंपनी की सहायता से स्वच्छता ऐप तैयार किया है। ट्रायल के तौर पर मुगलसराय के साथ ही पटना, गया, हाजीपुर, मुजफ्फरपुर, समस्तीपुर, बरौनी और धनबाद स्टेशन पर इसका प्रयोग शुरू किया गया है। इसके तहत ट्रेन में सवार यात्री रेलवे स्टेशनों पर गूगल प्ले स्टोर अथवा ऐप स्टोर से लोड कर सकेंगे। पूर्व मध्य रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी हाजीपुर राजेश कुमार ने बताया कि इसकी सफलता के आधार पर जोन के सभी 35 रेलवे स्टेशनों पर इसे लागू किया जाएगा।
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स्टेशन पर ही एक्टीवेट होगा कैमरा
मुगलसराय। रेलवे के स्वच्छता ऐप लोड करने पर ऐप का कैमरा संबंधित रेलवे स्टेशन पर ही एक्टीवेट होगा। इससे सिर्फ रेलवे स्टेशन की गंदगी की ही फोटो खींची जा सकेगी। यही नहीं रेल यात्रियों के लिए ही यह ऐप होगा। इसकी मानीटरिंग सुपरवाइजर से लेकर मंडल एवं मुख्यालय तक नजर रखी जाएगी।