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एलईडी लाईट में भ्रष्टाचार पर लोकायुक्त ने पालिका से मांगा जवाब

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मुगलसराय। नगर पालिका क्षेत्र में एलईडी लाइट लगाने के मामले में भ्रष्टाचार की शिकायत पर लोकायुक्त ने नगर पालिका मुगलसराय से जवाब मांगा है। एलईडी लाइट के ठेके में भ्रष्टाचार की शिकायत स्थानीय अधिवक्ता ने लोकायुक्त के यहां की थी। अधिवक्ता की दाखिल शिकायत पर नगर पालिका से जवाब तलब के बाद नगर पालिका के अधिकारियों एवं कर्मचारियों में हड़कंप मचा हुआ है।
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लोकायुक्त उत्तर प्रदेश के यहां अधिवक्ता नागेश प्रताप सिंह ने नगर पालिका पंडित दीन दयाल उपाध्याय नगर क्षेत्र में लग रही एलईडी लाइट का ठेका देने में भ्रष्टाचार किए जाने की शिकायत की थी। शिकायत के अनुसार पालिका की ओर एक एलईडी लाइट लगाने के चार बार टेंडर निकाला गया है। जिसमें तीन बार निविदा में शुद्धि पत्र जारी कर उसे किसी न किसी कारण निरस्त कर दिया गया। बताया कि चौथी बार 16 मार्च 2018 को 60 वाट एलईडी लाइट लगाए जाने के लिए दो टेंडर निकाला गया। इसमें एक टेंडर में साठ वाट प्रति एलईडी लाइट की कीमत आठ हजार पांच सौ पचपन रुपये वहीं दूसरे में साठ वाट एलईडी लाईट की कीमत सात हजार रुपये दर्शायी गई है। इस विषय पर शिकायतकर्ता ने सवाल किया है कि आखिर एक ही क्षमता की एलईडी लाईट की कीमतें अलग-अलग कैसे हो सकती है। बताया कि टेंडर में 22 मार्च 2018 को रात्रि में शुद्धि पत्र जारी किया गया जबकि 23 मार्च को निविदा खोलने की तिथि थी। इस संबंध में एक फर्म की ओर से निविदा में भ्रष्टाचार का आरोप लगाते हुए शिकायत भी की गई थी। शिकातकर्ता के अनुसार जिसपर स्थानीय निकाय निदेशालय ने जिलाधिकारी को प्रकरण की जांच करने तथा जांच पूरी होने तक निविदा पर रोक लगाने का निर्देश दिया था लेकिन ईओ की ओर से निविदा खोल दी गई। ईओ रोली गुप्ता ने बताया कि लोकायुक्त की ओर से आए पत्र का जवाब जल्द भेज दिया जाएगा। ईओ का दावा है कि एलईडी लाइट लगाने में किसी प्रकार की कोई अनियमितता नहीं हुई है।
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