मुगलसराय । नगर निकाय चुनाव पंडित दीन दयाल उपाध्याय नगर नगर पालिका (मुगलसराय) में अध्यक्ष पद जीतकर भाजपा भले ही गद गद हो रही हो लेकिन वार्डो में उसकी स्थिति अच्छी नहीं रही । एक तरफ जहां पार्टी का नगर अध्यक्ष ही अपनी सीट खो दिया तो अन्य वार्डो में बागियों ने जीत का परचम लहरा कर पार्टी को सकते में ला दिया । पार्टी ने वार्डो में नए प्रत्याशियों को उतार कर नया दांव चला था लेकिन यह दांव उसके लिए घातक साबित हुआ । अध्यक्ष पद पर पार्टी से कही अधिक प्रत्याशी की व्यक्तित्व हावी रहा । जिसका नतीजा था कि वह शुरु से विरोधियों पर ही भारी पड़ता रहा ।
नगर निकाय चुनाव में राजनीतिक दलों ने सिंबल के साथ उम्मीदवारों को मैदान मे उतारा था । सभी ने इसे लोकसभा और विधानसभा का पर्याय मानकर चुनाव लड़ा भी था । सत्ताधारी दल के लिए चुनाव नाक का सवाल बन गया था और कई दिग्गज अपनी प्रतिष्ठा भी जोड़ो हुए थे । टिकट को लेकर भी काफी विवाद रहा । कई पूर्व सभासदों का पार्टी ने टिकट काटकर नए चेहरों पर दांव लगाया था । पार्टी से टिकट नहीं मिलने से नाराज कई निवर्तमान सभासद बागी होकर चुनाव लड़े थे । सबसे बड़ी पार्टी के लिए फजीहत यह हुुई वार्ड नंबर 12 चंदासी से चुनाव लड़े नगर अध्यक्ष डा. विश्वनाथ चौहान की हार गए । इसके अलावा वार्ड नंबर 20 , 25 में बागी लड़े और चुनाव जीत गए तो कई वार्डो में नए चेहरों पर खेला गया दांव काम नहीं आया और प्रत्याशी हार गए । स्थिति यह रही 25 वार्डो में पार्टी को सिर्फ सभासद ही जीत का सेहरा बांध सके । चुनाव से पूर्व पार्टी के कई मंत्री भी सभासद पद के उम्मीदवार को जीताने के लिए क्षेत्र में आए थे लेकिन उनका यह कवायद भी हवा हवाई साबित हुई । पार्टी के लिए संतोष की बात यह है कि अध्यक्ष पद पर उसका कब्जा बरकार रहा । पार्टी के लिए नए सिरे से वार्डो में मंथन की आवश्यकता पड़ सकती है।