चंदौली। पुरानी पेंशन योजना बहाल करने सहित अपनी तीन सूत्री मांगों को लेकर शनिवार को उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ के बैनर तले प्राथमिक शिक्षकों ने विकास भवन के समीप धरना दिया। कहा कि पेंशन सेवा योजक की ओर से दी गई कोई भीख नहीं है, यह शिक्षक का अधिकार है और इसे हम लेकर ही रहेंगे। बेसिक शिक्षा अधिकारी संतोष कुमार सिंह ने भी धरनास्थल पर पहुुंचकर शिक्षकों को समर्थन का भरोसा दिलाया। अंत में एसडीएम सदर को अपना मांग पत्र सौंपा।
इस अवसर पर बीएसए ने कहा कि अपनी लंबित मांगों को लेकर शिक्षकों का आंदोलन जायज है। शिक्षकों को अपनी बात रखने का पूरा हक है। बेसिक शिक्षा विभाग भी शिक्षकों के साथ है। जिलामंत्री मनोज कुमार पांडेय ने कहा कि सातवें वेतन आयोग की नीतियां प्रत्येक राज्यों में जल्द से जल्द लागू होनी चाहिएं। कहा कि कर्मचारी द्वारा अपने नियुक्ति काल में की गई सेवा से अर्जित धनराशि ही पेंशन है और कर्मचारियों का इसपर पूरा हक है, जो उन्हें मिलना चाहिए। राष्ट्रीय शिक्षक आयोग के गठन से पूरे देश के शिक्षकों को एक मंच मिलेगा। यह शिक्षक और शिक्षा के हित में होगा। अन्य वक्ताओं ने कहा कि सभी शिक्षक पुरानी पेंशन योजना के बहाली के लिए कृत संकल्पित हैं। पेंशन की इस लड़ाई में महिला शिक्षक भी पूरी तरह से संघर्ष के लिए तैयार हैं। पेंशन की शिक्षकों के बुढ़ापे की लाठी है। कहा कि पुरानी पेंशन योजना बहाल करने, सातवें वेतन आयोग की नीतियों को लागू करने और राष्ट्रीय प्रारंभिक शिक्षक आयोग के गठन के लिए शिक्षक वर्ग पांच सितंबर को प्रदेश मुख्यालय और पांच अक्तूबर को दिल्ली के जंतर मंतर पहुंचकर अपने हम में आवाज बुलंद करेगा। इस अवसर पर हैदर अली, अजय सिंह, सुनीता तिवारी, जय सिंह, रामानंद यादव, चरनजीत कौर, वीरेंद्र सिंह यादव आदि रहे। अध्यक्षता विनोद कुमार सिंह ने की।