राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण और उप्र राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के निर्देश पर शनिवार को जिला न्यायालय परिसर में राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन किया गया।
जनपद न्यायाधीश/अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकरण सुशील कुमार शशि की अध्यक्षता में लोक अदालत में राजस्व और प्रशासनिक समेत 59,218 मामले निस्तारित किए गए। इन मामलों में कुल 22,57,60,855 रुपये की समझौता राशि तय हुई। सबसे ज्यादा फौजदारी के 2,376 वाद सुलझे।
लोक अदालत का शुभारंभ जनपद न्यायाधीश ने मां सरस्वती की प्रतिमा पर माल्यार्पण एवं दीप जलाकर किया। उन्होंने अधिक से अधिक मामलों के निस्तारण के लिए संबंधित अधिकारियों और न्यायिक अधिकारियों को प्रोत्साहित किया।
विभिन्न न्यायालयों में लंबित 7,447 मामलों का निस्तारण किया गया। वहीं राजस्व न्यायालयों और प्रशासन के अन्य विभागों में प्रीलिटिगेशन के 51,771 मामलों का समाधान हुआ। पारिवारिक न्यायालयों के 70 मामलों का निस्तारण करते हुए पीड़ित पक्ष को 38.10 लाख रुपये की समझौता राशि दिलाई गई।
मोटर दुर्घटना दावा अधिकरण में क्षतिपूर्ति के 121 मामला निस्तारित: मोटर दुर्घटना दावा अधिकरण में क्षतिपूर्ति के 135 में से 121 मामले निस्तारण हुए।
इन मामलों में क्षतिपूर्ति याचियों को कुल 8,03,16,000 रुपये मिले। स्थायी लोक अदालत में 18 मामले प्रस्तुत हुए। जिनमें 12 का निस्तारण करते हुए 54,52,544 रुपये की समझौता राशि तय की गई।
अपर जिला जज चतुर्थ की अदालत में विद्युत वसूली से संबंधित 619 वादों का निस्तारण किया गया।
विभिन्न न्यायालयों ने 5,138 शमनीय फौजदारी वाद निस्तारित किए, जिनमें 5,79,220 रुपये का अर्थदंड लगाया गया। एनआई एक्ट के 10 मामलों समेत अन्य प्रकार के 1,405 मामलों का भी निस्तारण हुआ।