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पक्षी विहार के रूप में विकसित चंद्रप्रभा बांध

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पीडीडीयू नगर। वेटलैंड क्षेत्र घोषित होने के बाद चंद्रप्रभा बांध को अब पक्षी विहार के रुप में विकसित करने की कवायद वनविभाग ने प्रारंभ कर दी है। प्रतिवर्ष बड़ी संख्या में आने वाले प्रवासी पक्षियों के लिए उचित प्रवास की व्यवस्था करने तथा पक्षियों में रुचि रखने वाले पर्यटकों के लिए बेहतर सुविधा देने पर विभाग योजना तैयार कर रहा है। वनविभाग की मानें तो पक्षी विहार होने से इस क्षेत्र में पर्यटकों की आमद बढ़ेगी । साथ ही पक्षियों के प्रवास को भी बेहतर स्थान मिलने के साथ ही उनकी संख्या में भी इजाफा होगा। पक्षी विहार विकसित होने के बाद बलिया के सुरहा ताल और गोरखपुर के रामगढ़ ताल के बाद पूर्वांचल का सबसे बड़ा पक्षी विहार होगा। जहां विभिन्न प्रकार के प्रवासी और स्थानीय पक्षियों का कलरव देखने और सुनने को मिलेगा।
चंद्रप्रभा बांध के 74 हेक्टेयर क्षेत्र वेटलैंड घोषित होने के बाद अब इस विस्तृत जलाशय का क्षेत्र को पक्षी विहार के रूप में विकसित करने के बावत वन विभाग प्रस्ताव तैयार कर रहा है। वहीं प्रवासी पक्षियों को जाड़े के सीजन में उचित प्रवास देने की व्यवस्था में जुटा हुआ है। ठंड के मौसम में सोवियत रूस के टुन्ड्रा तथा टैगा प्रदेशों के साथ ही साइबेरिया के तमाम रंग बिरंगे पक्षी इस जलाशय में आते हैं तथा यही पर प्रजनन करते हैं। इस देखते हुए वन विभाग बांध के क्षेत्र को पक्षी बिहार बनाने की कवायद आरंभ कर चुका है। इस कवायद के तहत प्रवासी पक्षियों के बांध के जलाशय क्षेत्र में उचित प्रवास स्थल देने के लिए हल्के लकड़ी के चौड़े फट्ठे डाले गए हैं ताकि प्रवासी पक्षी बांध में अपना सुरक्षित आशियाना स्थापित कर सकें।
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यह है वेटलैंड क्षेत्र
पीडीडीयू नगर। वन विभाग की रिपोर्ट के बाद अभी हाल ही में शासन ने चंद्रप्रभा बांध को वेटलैंड क्षेत्र घोषित किया है। दरअसल जहां पानी पर्याप्त मात्रा में हो, जमीन दलदलीय हो, जंगल और घास का क्षेत्र हो उसे वेटलैंड क्षेत्र कहा जाता है। घोषित होने के बाद अब वहां मछली मारने और पक्षियों के शिकार पर प्रतिबंध लगा दिया गया है।


जलीय जैव विविधता एवं पर्यावरण भी होगा संरक्षित
पीडीडीयू नगर। स्थानीय और प्रवासी पक्षियों को बढ़ावा देने के साथ ही बांध में जलीय जैव विविधता को भी बढ़ावा देना है। बांध में छोटे-छोटे जीवों, कीड़ों को विकसित करना है। साथ ही इसके लिए चंद्रप्रभा बांध में शैवाल भी नई डाली जाएगी। जलीय जैव विविधता को बेहतर करने के साथ ही इससे पर्यावरण भी संरक्षित होगा। साथ ही पक्षियों के लिए बांध में लकड़ी के पतले पटरे भी डाले जाएंगे ताकि वे उसपर बैठ सकें। बांध परिक्षेत्र में प्रवासी पक्षी-पोलार्ड, फ्लेमिंगो शावलर, कामनटील, स्कार्ट टील, लाल सर, गूजनबान हेड, हारिल, पोलार्ड, लोकल पक्षी-तोता, मैना, गौरया, तीतर, बटेर, लवा, कठफोड़वा, महोवा, उल्लू, कौल, चील्ह मौजूद रहते हैं।
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वेटलैंड क्षेत्र घोषित होने के बाद बांध को पक्षी विहार के रुप में विकसित करने की कार्य योजना तैयार की जा रही है। इसके तहत प्रस्ताव बनाकर शासन को भेजा जाएगा। ताकि आगे का कार्य शुरू कराया जा सके। बृजेश पांडेय, रेंजर चंद्रप्रभा


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