पीडीडीयू नगर। गंगा की अविरलता के लिए जल पुरुष के नाम से विख्यात व मैग्सेसे पुरस्कार से सम्मानित राजेंद्र सिंह राणा के नेतृत्व में गंगोत्री से निकाली गई अविरल गंगा संकल्प यात्रा गुरुवार को नगर पहुंची। यात्रा के सुभाष पार्क पहुंचने पर सभा आयोजित की गई। यात्रा जनजागरण फैलाते हुए गंगा सागर तक जाएगी।
राजेंद्र सिंह ने कहा कि गंगा राष्ट्रीय धरोहर है। पर्यावरण विज्ञान के प्राध्यापक व पर्यावरण विज्ञान आईआईटी कानपुर पर्यावरण विभाग के पूर्व विभागाअध्यक्ष प्रो. जीडी अग्रवाल ने गंगा नदी पर अनेक शोध किए। एक समय वह भी आया, जब अग्रवाल स्वामी ज्ञानस्वरूप सानंद के रूप में संन्यासी बन गए। गंगा की शुद्धता व अविरलता के लिए उन्होंने कई बार अनशन किया। बावजूद इसके इस दिशा में केंद्र सरकार ने कुछ नहीं किया। राजेंद्र सिंह ने बताया कि गंगा के जल में 17 ऐसे तत्व हैं, जो शरीर के लिए बेहद लाभकारी हैं। गंगा का प्रवाह रोककर इन लाभकारी तत्वों को नष्ट कर दिया गया है। इससे गंगा बेसिन में रहने वाले लगभग 40 करोड़ लोगों के स्वास्थ्य पर असर पड़ा है। इस क्षेत्र के लोगों में गंभीर बीमारियां फैलने लगी हैं। लोगों को इन बीमारियों से बचाने के लिए गंगा का अविरल होना बहुत जरूरी है। केंद्र सरकार द्वारा गंगा नदी पर कई नए बांध बनवाए जा रहे हैं जिससे गंगा का प्रवाह रुक गया है। साथ ही नदी प्रदूषित हो गई है। यात्रा का स्वागत एड. संतोष कुमार पाठक, राजीव कुमार, कला प्रसाद सोनकर, प्रभाकर वर्धन, सैयद अब्दुल्लाह, परितोष, डा. दयाराम ने किया। यात्रा में रामतीरथ सिंह, अरविंद सिंह व सांगवान साथ चल रहे थे।