सकलडीहा। एनसीईआरटी उत्तर प्रदेश के निदेशक द्वारा सभी बीटीसी व डीएलएड कॉलेजों के भौतिक सत्यापन को लेकर स्ववित्त पोषित बीटीसी व डीएलएड प्रबंधक एसोसिएशन चंदौली ने नाराजगी जताई। सोमवार को एसोसिएशन के सदस्यों ने डायट उप प्राचार्या को सीएम के नाम पत्रक सौंपा। इसमें उन्होंने जांच करने पर अनिश्चितकाल के लिए पठन-पाठन बंद करने की चेतावनी दी है।
एससीईआरटी के निदेशक ने परीक्षा नियामक प्राधिकारी को पत्र लिखकर प्रदेश के सभी बीटीसी व डीएलएड कॉलेजों का भौतिक सत्यापन करने का निर्देश दिया है। इससे बीटीसी व डीएलएड कालेज के प्रबंधकों में नाराजगी है। प्रबंधकों ने आरोप लगाया कि कॉलेजों को एनसीटीई की निरीक्षण समिति व शासन द्वारा गठित जांच समिति के जांचोपरांत ही मान्यता प्रदान की गई है। निदेशक द्वारा कूटरचित व तथ्यों को छुपाकर मान्यता प्राप्त करने का आरोप गलत है। उन्होंने कहा कि जब मान्यता जिलाधिकारी, बेसिक शिक्षा अधिकारी व डायट के प्राचार्य की संस्तुति के बाद दी जाती है तो तथ्य छुपाने की संभावना नही रह जाती है। अध्यक्ष संतोष कुमार सिंह ने चेताया कि जांच के नाम पर यदि स्ववित्तपोषित बीटीसी व डीएलएड कॉलेजों का शोषण किया गया तो सभी प्रबंधक अनिश्चितकाल के लिए कालेज बंद करने को बाध्य होंगे।