पीडीडीयू नगर के सुभाष पार्क स्थित तालाब। संवाद
पीडीडीयू नगर। नगर पालिका क्षेत्र के सुभाष नगर में तालाब पाटकर पर मकान बनाने के मामले में राजस्व विभाग की ओर से जारी ध्वस्तीकरण के नोटिस के बाद तालाबों पर कब्जे का मुद्दा फिर सुर्खियों में आ गया है। वहीं, नगर पालिका के रिकॉर्ड में कुल 51 तालाब दर्ज हैं लेकिन इनमें वर्तमान में सिर्फ नौ मौजूद मिले हैं। बाकी 42 तालाबों को अधिकारी पिछले 15 वर्षों से ढूंढ़ रहे हैं। बढ़ती आबादी और तेजी से हुए निर्माण के बीच इन तालाबों का अस्तित्व बड़ा सवाल बन गया है।
नगर पालिका के अनुसार फरवरी 2011 में तैयार सूची में नगर क्षेत्र के 46 और कूढ़े खुर्द व कुढ़कला के पांच तालाब दर्ज किए गए थे। इनमें आठ तालाब मत्स्य पालन के लिए पट्टे पर दिए जाते हैं, जबकि एक तालाब की नीलामी हाईकोर्ट के स्थगन आदेश के कारण रुकी हुई है। सक्रिय तालाबों में मुगलचक के चार, अलीनगर, पथरा, महमूदपुर और बेचूपुर के एक-एक तालाब शामिल हैं। दूसरी ओर रिकॉर्ड में दर्ज 42 तालाब वर्षों से नहीं मिल पा रहे हैं।
नगर पालिका का कहना है कि राजस्व विभाग की मदद से इन तालाबों को चिह्नित किया जा रहा है। हालांकि अब तक यह स्पष्ट नहीं हो सका है कि ये तालाब किस स्थिति में हैं। तालाबों की भूमि पर अतिक्रमण के खिलाफ कार्रवाई शुरू होने के बाद पूरे शहर में जलाशयों की सुरक्षा और राजस्व अभिलेखों की निगरानी पर सवाल उठने लगे हैं। नगर के रहने वाले आशीष, जुनेद, शफीउल्लाह, कुंदन, राकेश, संतोष आदि का कहना है कि यदि तालाबों की नियमित निगरानी होती तो यह स्थिति पैदा नहीं होती। संवाद
कोट
........
राजस्व विभाग की मदद से नगर पालिका क्षेत्र में मौजूद तालाबों की तलाश की जा रही है। राजस्व विभाग की रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। - धर्मराज सिंह, ईओ, नगर पालिका, पीडीडीयू नगर