कच्चे रास्ते को लेकर ग्रामीणों का दावा
ग्रामीणों का आरोप है कि वन विभाग की रोक के कारण विद्युतीकरण का कार्य अधर में लटक गया है। ग्रामीणों का दावा है कि जिस स्थान पर बिजली के खंभे लगाए जाने हैं, वहां पहले से ही करीब 20 फीट चौड़ा कच्चा रास्ता मौजूद है। ऐसे में उनका कहना है कि रास्ते के किनारे बिजली के खंभे लगाने में आ रही आपत्ति का समाधान किया जाना चाहिए, ताकि लंबे समय से लंबित विद्युतीकरण का काम पूरा हो सके।
ग्राम प्रधान के नेतृत्व में कलेक्ट्रेट पहुंचे ग्रामीण
विद्युतीकरण का कार्य जल्द शुरू कराने की मांग को लेकर ग्राम प्रधान संतराम के नेतृत्व में ग्रामीण जिला मुख्यालय स्थित कलेक्ट्रेट पहुंचे। यहां उन्होंने जिलाधिकारी को प्रार्थना पत्र सौंपकर अपनी समस्या से अवगत कराया। ग्रामीणों ने मांग की कि वन विभाग की आपत्ति को दूर कराकर गांव में विद्युतीकरण का कार्य जल्द शुरू कराया जाए।
ग्रामीणों का कहना है कि बिजली के अभाव में उन्हें रोजमर्रा की कई परेशानियों का सामना करना पड़ता है। बच्चों की पढ़ाई से लेकर घरेलू कार्यों तक में दिक्कत होती है। लंबे समय से अधिकारियों से गुहार लगाने के बावजूद समस्या का स्थायी समाधान नहीं हो सका है। खंभे पहुंचने के बाद उन्हें लगा था कि अब समस्या दूर हो जाएगी, लेकिन काम रुकने से निराशा हाथ लगी है।
डीएम से जल्द समाधान की मांग
ग्रामीणों ने जिलाधिकारी से मामले में हस्तक्षेप करते हुए संबंधित विभागों के बीच समन्वय स्थापित कर विद्युतीकरण कार्य शुरू कराने की मांग की। उनका कहना है कि बुनियादी विद्युत सुविधा से वंचित परिवारों को जल्द राहत मिलनी चाहिए, ताकि उनके घरों में भी बिजली पहुंच सके। ग्रामीणों ने उम्मीद जताई कि जिला प्रशासन वन विभाग की आपत्ति और विद्युतीकरण से जुड़े अन्य अड़चनों का समाधान कराकर काम को जल्द आगे बढ़ाएगा।