पीडीडीयू नगर। लॉकडाउन ने जिले भर में कारोबारियों की कमर तोड़कर रख दी है। इसमें स्वर्णकारों को दो माह के भीतर काफी नुकसान हुआ है। लगन में लॉकडाउन के चलते विवाह नहीं हो सके वहीं वैवाहिक कार्यक्रमों के अभाव में स्वर्ण आभूषणों की बिक्री नगण्य रही। सराफा व्यवसायियों के अनुसार जिले भर में दो माह के भीतर लगभग पचास करोड़ रुपये की बिक्री प्रभावित हुई है। सबसे अधिक नुकसान लगन में दुकानों के बंद होने के कारण हुआ है। वहीं अब जब दुकानों को खोलने की इजाजत तो दी गई लेकिन अभी लोग नहीं आ रहे हैं।
कोरोना संक्रमण को फैलने से रोकने के लिए सरकार की ओर से लॉकडाउन घोषित किया गया है। इस लॉकडाउन के चलते देशभर में व्यवसाय ठप हो गए। इसका असर जिले के भी व्यवसायों पर पड़ा है। कोरोना ने स्वर्णकारों के व्यवसाय को भी काफी बुरी तरह से प्रभावित किया है। जिले में पांच सौ सराफा व्यवसायी हैं। सोने-चांदी के आभूषण की सबसे प्रमुख मंडी पीडीडीयू नगर में है। दुकानदारों के अनुसार इस लॉकडाउन में सराफा व्यवसाईयों की कमर टूट गई है। पहले दुकानें बंद थी लेकिन अब जब दुकानें खुली हैं तो ग्राहक नहीं है। सराफा व्यवसायी रामानंद सेठ ने कहा कि लॉकडाउन के कारण कारोबार पर काफी बुरा असर पड़ा है। लॉकडाउन में लगन के बाद भी शादी विवाह नहीं होने से सोने-चांदी के आभूषणों की बिक्री नहीं हो सकी है। भोला नाथ सेठ ने बताया कि लॉकडाउन के पहले सामान्य दिनों भी कारोबार ठीकठाक हो जाता था लेकिन लॉकडाउन में अब जब दुकानें खुलने लगी है तब भी व्यवसाय काफी मंदा है। महेंद्र कुमार सेठ ने कहा कि लगन के दौरान लॉकडाउन ने सबसे अधिक व्यवसाय को नुकसान पहुंचाया है। जिलेभर में करोड़ों रुपये का नुकसान हुआ है। राजकुमार सेठ ने बताया कि लॉकडाउन में स्वर्णकारों को दुुकानें खोलने की इजाजत तो दी गई है लेकिन बाजार में ग्राहक काफी कम है।