चंदौली। बारिश के दौरान गंगा व कर्मनाशा नदी के जलस्तर में बढ़ोत्तरी के कारण पैदा होने वाली बाढ़ की समस्या से निपटने के लिए प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी है। प्रशासन की तरफ से बाढ़ प्रभावित इलाकों में 45 बाढ़ चौकियां स्थापित करने की तैयारी है।
उधर, बाढ़ प्रभावित क्षेत्र में पुनर्वास के साथ-साथ बाढ़ चौकियां स्थापित करने की भी तैयारियां तेज कर दी गई हैं। ताकि बाढ़ प्रभावित लोगों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया जा सके। पशुओं के चारा के लिए मुख्य चिकित्साधिकारी पशुपालन व लोगों के स्वास्थ्य के लिए सीएमओ को जिम्मेदारी दी गई है। जनपद में बाढ़ प्रभावित लोगों को सुरक्षित रखने के लिए जिला प्रशासन की ओर से सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। विभिन्न विभागों को जिम्मेदारी भी सौंप दी गई है, ताकि बाढ़ प्रभावित लोगों को मदद पहुंचाई जा सके। जनपद में कुल बाढ़ प्रभावित इलाके 41 बाढ़ चौकियां जिला प्रशासन की ओर से स्थापित की जाएंगी। इसमें सदर तहसील में 10, सकलडीहा तहसील में 13, मुगलसराय तहसील में छह और चकिया तहसील में 12 शामिल हैं। वही गांवों की बात करें तो 194 गांव बाढ़ से प्रभावित होते हैं। इसमें सदर तहसील में 60, मुगलसराय तहसील में 28, चकिया तहसील में 34 और सकलडीहा तहसील में 72 गांव शामिल हैं। सबसे अधिक बाढ़ प्रभावित इलाके सकलडीहा तहसील में हैं, जो गंगा के किनारे पड़ते हैं। वहीं 23 गोताखोरों की तैनाती के साथ-साथ 82 नावों की भी व्यवस्था की गई है। लंच पैकेट, बाढ़ चौकियों पर पर गद्दा और टेंट के समान और शौचालय की व्यवस्था भी टेंडर प्रक्रिया के माध्यम से की जा रही है। अन्य विभागों को भी जिम्मेदारी गत दिनों जिलाधिकारी ने बैठक कर सौंप दी है और सभी को तैयार रहने का निर्देश जारी किया है। सूत्रों का कहना है कि अभी बजट शासन की ओर से निर्धारित नहीं किया गया है, लेकिन जल्दी ही बजट आवंटन होने की उम्मीद है। आपदा प्रबंधन के नोडल अधिकारी सर्वेश चंद्र सिन्हा का कहना है कि जनपद में बाढ़ प्रभावित इलाकों को देखते हुए तैयारी शुरू हो गई है। संबंधित विभागों को कार्य आवंटित कर दिए गए हैं, ताकि बाढ़ आने पर प्रभावित इलाकों में राहत व बचाव कार्य के लिए विभाग अपनी जिम्मेदारी का निर्वहन कर सकें।