चंदौली। गंगा के बढ़ते जलस्तर को देख तटवर्ती इलाकों में बाढ़ की आशंका से लोग भयभीत है। जिला प्रशासन ने भी मुस्तैदी दिखाते हुए तटवर्ती इलाकों में 42 अस्थाई बाढ़ चौकियों की स्थापना कर दी है। साथ ही राजस्व विभाग की टीम को तटवर्तीय इलाकों में निगरानी और गश्त करने की जिम्मेदारी दी गई है। वहीं आपात स्थिति में राहत और बचाव कार्य के लिए सौ से अधिक छोटी, बड़ी नावों को चिह्नित कर लिया गया है।
गंगा नदी का जल स्तर बढ़ने से पीडीडीयू नगर और सकलडीहा तहसील क्षेत्र के सात दर्जन से अधिक गांव प्रभावित होते है। जबकि कर्मनाशा, चंद्रप्रभा और गड़ई से चकिया के तीन और सदर के पांच दर्जन गांव में बाढ़ की स्थिति बन जाती है। फिलहाल गंगा और अन्य नदियों का जल स्तर खतरे के निशान से काफी नीचे है। लेकिन गंगा नदी में तेजी के साथ पानी का बढ़ाव हो रहा है। ऐसे में तटवर्ती इलाकों के लोग बाढ़ की आशंका से काफी भयभीत हैं। जिला प्रशासन ने आपदा से निबटने के लिए पहले से ही पूरी तैयारी चालू कर दिया है।
चंदौली। गड़ई नदी पर तीन, कर्मनाशा पर 12, चंद्रप्रभा पर आठ तथा अन्य तटवर्तीय इलाकों में 19 बाढ़ चौकी स्थापित कर दिया है। इन चौकियों पर राहत और बचाव के साथ लोगों की मदद के लिए सामान उपलब्ध कराए जाएंगे।
चंदौली। बाढ़ निगरानी के लिए सिंचाई विभाग के चंद्रप्रभा प्रखंड के पीडीडीयू नगर स्थित कार्यालय में कंट्रोल रूम बनाया गया है। यहां सिंचाई विभाग ने साम कर्मचारियों को तैनात किया है। जो तीन शिफ्ट में स्थिती पर नजर रखने के साथ अन्य विभागों से समन्वय बनाएंगे। वहीं कंट्रोल रुम में मानिटरिंग के तीन अफसरों की ड्यूटी लगाई गई है।
जिले में अभी बाढ़ की स्थिति नहीं है। सभी नदियों का जलस्तर बहुत कम है। लेकिन तटवर्तीय इलाकों में निगरानी के लिए 42 बाढ़ चौकियों की स्थापना कर दिया गया है। राजस्व टीम के लोग बराबर नदी के किनारे वाले गांव में गश्त करेंगे।-अतुल कुमार, अपर जिलाधिकारी।