कंदवा। साधन सहकारी समितियों पर डीएपी न मिलने से किसान महंगे दाम पर डीएपी खरीदने को विवश हैं। इसे लेकर किसानों में काफी नाराजगी है। वहीं जिला प्रशासन पर्याप्त मात्रा में डीएपी होने का दावा कर रहा है।
साधन सहकारी समितियों पर डीएपी उपलब्ध न होने से किसान निजी दुकानदारों से मंहगे दामों पर डीएपी खरीदकर गेहूं की बुआई कराने को विवश हैं। उनका कहना है कि कुछ समितियों पर यूरिया अवश्य उपलब्ध है लेकिन इस समय गेहूं की बोआई के लिए डीएपी की जरूरत होती है। बावजूद इसके समितियों से डीएपी गायब है। किसान महेंद्र सिंह, भूपनारायण सिंह, पिंटू सिंह, महेंद्र यादव, पगड़ी बाबा, जितेंद्र सिंह, विजयशंकर सिंह, नीरज सिंह आदि का कहना है कि किसानों की हितैषी बनने वाली भाजपा सरकार में किसानों को डीएपी के लिए भटकना पड़ रहा है। ऐसे में किसानों की आय दोगुनी करने का दावा खोखला साबित हो रहा है। ब्यूरो