चकिया। सीआरपीएफ ग्रुप सेंटर के निर्माण के लिए सोनहुल, शाहपुर हाता तथा बुढ़वल गांव की जमीनों के अधिग्रहण करने की सीआरपीएफ प्रशासन की ओर से अपनाए जा रहे मापदंड पर किसानों ने बैठक कर सवाल उठाया है। बैठक में भूमि अधिग्रहण के लिए जमीनों की रजिस्ट्री कराने की प्रक्रिया की भी आलोचना की गई। सोनहुल भगवान अवधूत राम मंदिर में आयोजित बैठक में किसानों ने कहा कि उबड़-खाबड़ जमीनों तथा बढ़िया जमीनों के लिए एक समान मुआवजा दिया जा रहा है। जिससे किसानों में आक्रोष व्याप्त है।
बैठक में किसानों ने कहा कि खुली बैठक न करके सीआरपीएफ प्रशासन किसानों से अलग-अलग बात कर रजिस्ट्री के कागजात तैयार करा रहा है। किसानों ने जमीन का मूल्यांकन कर उसके अनुसार मुआवजे की राशि तय करने तथा किसानों के खाते में मुआवजे की राशि भेजने के बाद ही जमीनों की रजिस्ट्री कराने की मांग की। बैठक में गुप्तनाथ सिंह, वंशलोचन मौर्य, नरेंद्र तिवारी, रामायण, रामकिशुन, डोमन, चोआ विश्वकर्मा, धनेश राम, पलटू राम, रामआसरे, कृष्णावती देवी, बाली सिंह, लल्ला सिंह, राममूरत यादव सहित तमाम किसान मौजूद रहे। अध्यक्षता रामप्यारे सिंह ने संचालन लालचन्द एडवोकेट ने किया।