इस वर्ष बाढ़ की वजह से ट्रेनों की रफ्तार पर ब्रेक नहीं लगेगी। रेलवे ने बाढ़ ग्रसत इलाके के रेल खंडों के पुलों पर वाटर लेवलिंग यंत्र लगाया है। इससे पानी के रेल पुल औरपटरियों के नजदीक पहुंचते ही इलाके रेलवे इंजीनियरों के पास एसएमएस से मैसेज पहुंच जाएगा। इससे रेल प्रशासन बचाव इंतजाम करते हुए ट्रेनों को पुल पार कराएगा।
बारिश के दिनों में उत्तर बिहार में प्रति वर्ष बाढ़ की वजह से ट्रेनों की रफ्तार पर ब्रेक लग जाती है। रेल पटरियों पर पानी आ जाने की वजह से अथवा रेल पटरी के नीचे से जमीन खिसकने की वजह से ट्रेनों का संचालन रद्द करना पड़ता है। इससे रेलवे को नुकसान होता है वहीं यात्रियों को परेशानी होती है। इसको देखते हुए रेलवे ने पुल पर वाटर लेवलिंग यंत्र लगाया जा रहा है। इस यंत्र की वजह से बाढ़ का पानी खतरे के निशान के पास पहुंचते ही आटोमेटिक एसएमएस इलाके के इंजीनियर के पास पहुंच जाएगा। इससे रेल प्रशासन ट्रेनों के सुरक्षित परिचालन के लिए आवश्यक कदम उठाएगा। इस संबंध में पूर्व मध्य रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी राजेश कुमार ने बताया कि वाटर लेवलिंग यंत्र लगाने की तैयारी अंतिम चरण में चल रही है। सबकुछ ठीक रहा तो इसी सत्र में रेल यात्रियों को सुविधा का लाभ मिलने लगेगा। बताया कि बाढ़ से बचाव के लिए बारिश के दौरान रेल पटरियों की सुरक्षा को चलाए जाने वाला सामान्य पेट्रोलिंग पहले की तरह चलता रहेगा। यही नहीं बाढ़ की स्थिति पर नजर रखने के साथ राज्य सरकार के आपदा नियंत्रण कार्यालय से समन्वय स्थापित किया जा रहा है। यही नहीं बारिश की आशंका को जानने के लिए मौसम विज्ञान से भी समन्वय स्थापित किया जाएगा। बताया कि बाढग़्रस्त क्षेत्रों में पत्थरों के बोल्डर, स्टोन डस्ट, सीमेंट की खाली बोरियां, बांस बल्ली आदि की पर्याप्त मात्र में व्यवस्था की जा रही है।