कंदवा। क्षेत्र के करौती गांव में मंगलवार को दूसरे दिन भी पहुंचकर अंकुर समाज वेलफेयर सोसायटी के सदस्यों ने अग्निकांड पीड़ितों को खाद्यान्न और साड़ी आदि बांटे। यही नहीं आगे भी पीड़ित परिवारों की सहायता करने का आश्वासन दिया।
करौती गांव में रविवार को अज्ञात कारणों से लगी आग से पांच परिवारों की 10 रिहायशी झोपड़ियां जलकर राख हो गई। इससे 5 परिवार खुले आसमान के नीचे आ गए। घटना की जानकारी मिलने पर सोमवार को अंकुर समाज वेलफेयर सोसाइटी के सचिव अजय सिंह करौती गांव पहुंचे। अजय सिंह ने अग्नि पीड़ितों का हाल जाना और पीड़ित परिवार को चावल , आटा , आलू , तेल , मसाला के साथ कंबल वितरित किया था और अग्निकांड में अपना सब कुछ गंवा चुके हनुमान चौधरी की पुत्री की शादी में हरसम्भव मदद का भी आश्वासन दिया था। मंगलवार की शाम 4 बजे अंकुर समाज वेलफेयर सोसायटी के सचिव अजय सिंह और अन्य सदस्य दूसरे दिन भी करौती पहुंचे और पीड़ित परिवारों में चावल , आटा , आलू , तेल , मसाला और पीड़ित परिवार की महिलाओं में साड़ी वितरित किया। इस दौरान अभिषेक उपाध्याय छोटू , अंबरीश सिंह सोनू , ऋषि यादव , चंदन पांडेय , शांतनु पांडेय, प्रियानंद सिंह , राम प्रवेश चौधरी आदि मौजूद रहे।
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पीड़ितों का हाल चाल लेने नहीं पहुंचा कोई नेता
कंदवा। बरहनी विकास खण्ड के करौती गांव में रविवार को हुए अग्निकांड के तीसरे दिन मंगलवार को भी किसी राजनीतिक दल के नेताओं और जनप्रतिनिधियों का न पहुंचना क्षेत्रीय लोगों में चर्चा का विषय बना हुआ है ।चट्टी चौराहों पर इसकी चर्चा रही। करौती गांव में रविवार को 11.30 बजे अज्ञात कारणों से आग लगने से पांच परिवार खुले आसमान के नीचे आ गए हैं । अगलगी से पीड़ित परिवारों के समक्ष दो जून की रोटी की समस्या पैदा हो गई है । घटना के तीसरे दिन मंगलवार को भी सत्ताधारी दल सहित किसी भी राजनीतिक दल का कोई भी नेता करौती नहीं पहुंचा ।जिसे लेकर क्षेत्रीय लोगों में काफी चर्चा है । लोगों में चर्चा है कि अपने को समाजसेवी कहा जाना पसंद करने वाले लोग भी दूरी बनाए हुए हैं। जो क्षेत्रीय लोगों के लिए अबूझ पहेली बना हुआ है।