टांडाकला क्षेत्र में बना बाढ़ चौकी। संवाद
पीडीडीयू नगर। जिले में गंगा का जलस्तर लगातार बढ़ने से तटवर्ती इलाकों में बाढ़ का खतरा मड़राने लगा है। प्रशासन ने 41 बाढ़ राहत चौकियों को कागज में तो सक्रिय कर दिया है लेकिन एक में भी बाढ़ से निपटने के इंतजाम नहीं किए गए।
पिछले दिनों डीएम ने कलेक्ट्रेट में बैठक कर सभी विभागों को तीन दिन के भीतर बाढ़ चौकियों पर सभी इंतजाम करने के निर्देश दिए गए थे। इसके बावजूद न तो बाढ़ राहत चौकी के बोर्ड लगाए गए और न चारे-पानी, प्रकाश और इलाज की व्यवस्था की गई।
चंदौली जिले में पं. दीनदयाल उपाध्याय नगर और सकलडीहा तहसील के 72 से ज्यादा गांव गंगा के तटवर्ती क्षेत्र में स्थित हैं। गंगा का जलस्तर बढ़ने पर इन गांवों में बाढ़ का खतरा मंडराने लगता है। तटवर्ती इलाकों में बाढ़ से बचाव और राहत के लिए बाढ़ चौकियां बनाई जाती है।
एक हफ्ते से जलस्तर में लगातार बढ़ोतरी हो रही है। इसको देखते हुए जिले में 41 बाढ़ चौकियां बनाने की प्रशासन ने घोषणा की थी। डीएम ने संबंधित विभागों को पंचायत भवन, सरकारी स्कूलों में बाढ़ चौकी बनाकर पशुओं के लिए चारा, खाना-पानी, पेजयल, प्रकाश आदि की व्यवस्था करने के निर्देश दिए थे।
शुक्रवार को इसकी पड़ताल की गई तो प्रशासन के दावे खोखले नजर आए। बाढ़ चौकियों पर बोर्ड तक नहीं लगाए गए। यही नहीं, न तो कहीं सफाई हुई है और न पानी, प्रकाश की व्यवस्था मिली।
टांडाकला क्षेत्र में बना बाढ़ चौकी। संवाद