पीडीडीयू नगर। सनातन धर्म में 16 संस्कार बताए गए हैं। इसमें विवाह संस्कार महत्वपूर्ण है। सनातन धर्म को मानने वाले लोग विवाह के पहले शुभ लग्न, मुहूर्त निकालवाते हैं। वहीं दूसरी तरफ शुक्रवार को जिले के आठ ब्लाकों में मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह के मंडप 326 हिंदू जोड़ों ने बिना शुभ मुहुर्त के ही सात फेरे लिए। राजनेताओं और अधिकारियों ने नवविवाहित जोड़े को आशीर्वाद दिया। प्रशासन का कहना है कि पात्र जोड़ों की शादी शुभ मुहूर्त में हुई। प्रदेश के कई जिलों में सामूहिक विवाह का आयोजन हुआ। वहीं जिले आचार्यों का कहना है कि हिंदू धर्म में शुक्रास्त में विवाह जैसा शुभ कार्य वर्जित है। जिले के आठ ब्लाकों में मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह के मंडप में 326 हिंदू जोड़ों की शादी के साथ ही 6 मुस्लिम जोड़े को काजी ने निकाह पढ़ाई।
मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के तहत जिले में विवाह के लिए आवेदन मांगे गए थे। इसके तहत जिले में 391 जोड़ों की शादी होनी है। वहीं 14 दिसंबर को बरहनी ब्लाॅक में 50 जोड़ों की शादी होगी। सदर ब्लाक के जिला मुख्यालय स्थित निजी लॉन में मुगलसराय के भाजपा विधायक रमेश जायसवाल, सदर ब्लाक प्रमुख संजय सिंह बबलू, डीएम चंद्र मोहन गर्ग ने नवविवाहित जोड़ों को आशीर्वाद दिया। इस अवसर पर समाज कल्याण अधिकारी राजीव कुमार, सदर बीडीओ श्रीप्रकाश, एडीओ पंचायत समाज कल्याण जगदीश यादव उपस्थित रहे। चहनियां विकास खंड परिसर में विधि विधान से 42 जोड़े का विवाह हुआ। मुख्य अतिथि ब्लाक प्रमुख अरुण कुमार जायसवाल विवाहित जोड़ों को आशीर्वाद दिया। नौगढ़ ब्लॉक परिसर में 25 जोड़े विवाह बंधन में बंधे। इस अवसर पर ब्लॉक प्रमुख प्रतिनिधि सुजीत सिंह सुड्डू, ग्राम प्रधान बाघी नीलम ओहरी, भगवान दास अग्रहरि, एसडीएम विकास मित्तल मौजूद रहे। चकिया ब्लाक मुख्यालय परिसर में 48 जोड़ों का विवाह हुआ। विधायक कैलाश आचार्य, ब्लाॅक प्रमुख शंभूनाथ सिंह यादव, बीडीओ विकास सिंह ने नव दंपतियों को आशीर्वाद दिया। धानापुर ब्लॉक परिसर में 47 जोड़ों का विवाह प्रस्तावित था, लेकिन एक जोड़ा उपस्थित न होने के कारण 46 जोड़ों का विवाह वैदिक मंत्रोच्चार और पारंपरिक रीति-रिवाजों के बीच कराया गया। समारोह के मुख्य अतिथि सैयदराजा के भाजपा विधायक सुशील सिंह तथा विशिष्ट अतिथि ब्लॉक प्रमुख अजय सिंह रहे नियामताबाद विकास खंड कार्यालय परिसर में 24 जोड़ो का सामूहिक विवाह हुआ। इस अवसर पर भाजपा विधायक रमेश जायसवाल और ब्लाक प्रमुखपति बाबूलाल यादव माैजूद रहे। शहाबगंज ब्लॉक मुख्यालय परिसर में 50 जोड़ो का विवाह हुआ। मुख्य अतिथि भाजपा विधायक कैलाश आचार्य ने सभी नवविवाहित जोड़ों को आशीर्वाद दिया।
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शुभ मुहुर्त में शादी हुई है। प्रदेश के कई जिलों में शुक्रवार को सामूहिक विवाह का आयोजन हुआ है। 16 दिसंबर से खरमास शुरू हो रहा है। इसके पहले शादी हुई है। सामूहिक विवाह एक अच्छा कार्य है। इसमें पूरे विधि विधान से शादी कराई गई है। राजीव कुमार, जिला समाज कल्याण अधिकारी , चंदौली
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शुक्रास्त में नहीं होता है विवाह जैसा शुभ कार्य
-हिंदू धर्म में विवाह को शुभ और सबसे महत्वपूर्ण संस्कार माना गया है। यही कारण है कि शादी के पहले ग्रह, नक्षत्र, शुभ लग्न आदि पर विचार किया जाता है। इसमें शुक्रास्त भी महत्वपूर्ण है। 11 दिसंबर को शुक्रास्त हो चुका है। सामूहिक विवाह योजना के तहत बिना शुभ मुहुर्त के ही जोड़ों की शादी हुई है। संतोष तिवारी, आचार्य, पीडीडीयू नगर
-सनातन संस्कृति संस्कार पर आधारित है। हिंदू विवाह में शुभ लग्न, ग्रहों की स्थिति, दिन आदि महत्वपूर्ण है। कुछ मुहूर्त दिन के हाेते हैं और कुछ रात के होते हैं। खरमास, चतुर्मास के साथ ही शुक्र और गुरू के अस्त होने पर भी विवाह नहीं होता हैं। इस वर्ष खरमास 16 दिसंबर से शुरू हो रहा है जबकि शुक्रास्त 11 दिसंबर को हो चुका है। अब शुभ मुहूर्त फरवरी माह में है। इस समय शादी होना गलत है। राधेश्याम चौबे, आचार्य