पीडीडीयू नगर। बसंत पंचमी से ही होलिका लगाने की शुरूआत हो जाती है। अब जैसे-जैसे होली नजदीक आ रही है होलिका का आकार भी बढ़ता जा रहा है। लेकिन कई क्षेत्रों में ऐसी जगहों पर होलिकाएं लगाई गई हैं जहां खतरे से खाली नहीं है। नगर क्षेत्र पीडीडीयू नगर, चकिया, सैयदराजा और चंदौली नगर में हाईटेंशन तार के नीचे होलिकाएं लगाई गई हैं। कई स्थानों पर हाईटेंशन तार के अलावा एलटी लाइन और एबीसी (एरियल बंच कंडक्टर) केबिल वाला तार दौड़ाया गया है। इससे बड़ी दुर्घटना की आशंका है। लेकिन पुलिस और प्रशासन इससे बेखबर है।
जिले में ग्रामीण और नगरीय क्षेत्र में मिलाकर 600 से अधिक स्थानों पर होलिकाएं स्थापित होती हैं। इसमें नगर क्षेत्र में करीब पौने दो सौ स्थानों पर जगह-जगह होलिका लगाई जा रही है। सबसे अधिक परेशानी नगर क्षेत्रों में हैं। नगर के गलियों, चौराहों पर होलिकाएं लगाई हैं। वहीं से हाईटेंशन तार और एबीसी वायर भी ऊपर से गुजरा है। 20 मार्च को होलिका दहन है। इस दौरान वायर जलने और आग लगने की आशंका बनी रहती है। बिजली विभाग के एक्सईएन प्रवीण कुमार सिंह का कहना है कि लोगों को जागरूक करने के साथ ही उनसे अपील की जा रही है कि होलिका हाईटेंशन के तार से दूर लगाएं ताकि कोई दिक्कत न हो। सावधानी के तौर पर होलिका दहन के समय बिजली आपूर्ति ठप की जाएगी। ताकि कोई परेशानी न आए।
सकलडीहा। महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ से सम्बद्ध सकलडीहा पीजी कॉलेज में बीए की वार्षिक परीक्षा शुरू है। वही कॉलेज मार्ग पर होलिका सड़क के बीचोबीच लगा देने से मार्ग अवरुद्ध हो गया है। परीक्षा देने वाले छात्र-छात्राओं को काफी समस्या हो रही है। इसके बाद भी पुलिस प्रशासन मौन है। परीक्षार्थियों ने समस्या से निजात दिलाने की मांग उठाई है।
सकलडीहा पीजी कॉलेज में तीन महाविद्यालय का सेंटर बनाया गया है। सुबह और शाम दो पालियों में दूर दराज से सैकड़ों परीक्षार्थी परीक्षा देने आ रहे है। परीक्षार्थी और अभिभावकों ने समस्या से निजात दिलाने की पुलिस प्रशासन से मांग किया है। सीओ प्रदीप सिंह चंदेल ने बताया कि समस्या को लेकर प्रभारी निरीक्षक को बताया गया है। स्थानीय लोगों के साथ बैठकर बातचीत के जरिए इसका हल निकाल लिया जाएगा।