शिकारगंज/ नौगढ़। स्थानीय हेतिमपुर स्थित बाबा जागेश्वरनाथ पीजी कालेज के सौजन्य से शनिवार को अखिल भारतीय कवि सम्मेलन का आयोजन किया गया। इसमें राष्ट्रीय स्तर के कवियों ने काव्य पाठ कर श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। कवि गोष्ठी का शुभारंभ पूर्व सांसद रामकिशुन ने मां सरस्वती की प्रतिमा के समक्ष दीप जला कर किया।
कवि सम्मेलन का आरम्भ मिर्जापुर से पधारी विभा सिंह ने सरस्वती वंदना से की। झगडू भैया ने ऐ कुर्सी दौड़ में सबके पीछे छोड़ देहलस, रामसमुझ भाष्कर ने बौना किसी का कद न बताने की सोचिए, फारूक अहमद सैरयावी ने जुल्म का पौधा लगाना छोड़ दो-नफरत को बढ़ाना छोड़ दो, अपनी कुर्सी बचाने के लिए हिंदू-मुस्लिम को लड़ाना छोड़ दो प्रस्तुत किया। कवि सम्मेलन में मिथिलेश गहमरी, संतोष कुमार सिंह, मनोज द्विवेदी मधुर ने भी काव्य पाठ किया। इस मौके पर पूर्व विधायक पूनम सोनकर, जिला विद्यालय निरीक्षक डा. विनोद राय, रामआसरे यादव, श्रीराम यादव, रामचंद्र यादव, रामअधार, प्रताप नारायण मौजूद थे। संचालन मिथिलेश गहमरी ने किया।
नौगढ़ के विकास खंड कार्यालय परिसर में शनिवार को गांव गिरांव का स्थापना दिवस आयोजित किया गया। समारोह का शुभारंभ पीडीडीयू नगर के चेयरमैन संतोष खरवार, सपा जिलाध्यक्ष सत्यनरायन राजभर, सुजीत कुमार सिंह, डिप्टी कमांडेंट सीआरपीएफ इंद्रजीत कुमार राणा व कवि शिवदास ने माँ सरस्वती की प्रतिमा पर माल्यार्पण व दीपप्रज्वलन कर किया। इस मौके पर कवि सम्मेलन का आयोजन भी किया गया।
कवि सम्मेलन में काव्यपाठ का शुभारंभ विभा सिंह ने सरस्वती वंदना से की। प्रयागराज से पधारे हास्य-व्यंग्य के सशक्त हस्ताक्षर नजर इलाहाबादी ने दिन इलेक्शन के सुहाने आ गए, भेड़िए बकरी चराने आ गए, डा. धर्मशील मिश्रा ने दुखियारी गंगा जी बोलीं मैं भी फंस गई रामजी , आप अयोध्या में लटके हो, फसी मैं काशी धाम जी सुनाया। इनके अलावा प्रकाश मिर्जापुरी, नरसिंह साहसी, सुरेंद्र साहिल, दमदार बनारसी, लालजी यादव उर्फ झगडू भैया, मनोज मधुर,प्रद्युम्न तिवारी, अशोक कुमार त्रिपाठी, इंद्रजीत कुमार राणा, डा. सुजात रामनगरी ने भी काव्यपाठ किया। इस मौके पर वीरेंद्र बिंद, रामप्रसाद यादव, कालीदास त्रिपाठी, करूणापति तिवारी, सुनील श्रीवास्तव, सुनील विश्वकर्मा, संतोष केशरी, मटरू यादव, सरोज माली, संजय जायसवाल पंकज जायसवाल प्रदीप केशरी आदि रहे। संचालन श्रीधर द्विवेदी व आभार अशोक जायसवाल व ओंकारनाथ नाथ ने किया।