महिला सामाख्या की ओर से कृषि विज्ञान केंद्र के सभागार में शुक्रवार को गोष्ठी का आयोजन हुआ। सीडीओ डा. एके श्रीवास्तव ने पौधरोपण करके कार्यक्रम का शुभारंभ किया और उन्होने महिलाओें को उनके अधिकारों के प्रति जागरुक किया। बच्चों ने नाटक व सांस्कृतिक कार्यक्रमों के माध्यम से लोगों को कन्या भ्रूण हत्या और महिला संरक्षण की जानकारी दी। इस दौरान महिला व बाल अधिकारों को लेकर भी चर्चा हुई।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए सीडीओ डा. एके श्रीवास्तव ने कहा कि समाज में महिलाओं व बालिकाओं के विरुद्ध होने वाली आपराधिक घटनाओं के प्रति लोगों को जागरूक करने की दिशा में कार्य किया जा रहा है। इसके लिए गांव-गांव जागरूकता अभियान भी चलाया जा रहा है। इसमें पुलिस भी सहयोग कर रही है। कार्यक्रम समन्वयक इंद्रावती देवी ने बताया कि महिला व बाल अधिकारों की सुरक्षा के लिए महिला व बाल अधिकार मंच का गठन किया है। इसके तहत ग्राम पंचायत स्तर पर किशोर-किशोरियों के साथी मंच का गठन किया गया है। साथी मंच के सदस्य लोगों के मुद्दों को जोर-शोर से उठाने का काम कर रहे हैं। साथ ही समस्याओं के निराकरण का भी प्रयास किया जा रहा है। इससे लोगों का जुड़ाव मंच के प्रति बढ़ता जा रहा है। बताया कि अभी तक जनपद के अधिकांश गांवों में मंच का गठन किया जा चुका है। दिनोंदिन यह कारवां बढ़ता ही जा रहा है। परिषदीय विद्यालयों में खेल, पोस्टर, रंगोली, स्लोगन लेखन, नाटक, गीत प्रतियोगिता का शीघ्र आयोजन कराया जाएगा। इसके माध्यम से लोगों को जागरूक किया जाएगा। इस दौरान डा. आरपीएस रघुवंशी, शशिबाला सिंह, नीरज, नेहा, आफताब, नीलम, रंगनाथ तिवारी, सुशीला, श्वेता, रीता, विंदा, रेनू, रचना, छाया, प्रीति, रेनू, शिल्पी उपस्थित रहीं।