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नगर के प्रथम नागरिकों का शपथ

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मुगलसराय। नगरों के प्रथम नागरिक बनने का गौरव हासिल करने जा रहे जनपद के चार निकायों में 12 दिसंबर को शपथ ग्रहण के अध्यक्ष अपना कार्यभार संभाल लेंगे। शपथ ग्रहण करने जाने से पहले निर्वाचित पदाधिकारी पार्टी के झंडे, नए परिधान का चयन करने में लगे रहे। उसके बाद लाव लश्कर के साथ कार्यक्रम स्थल को रवाना होंगे। जनपद के चारों निकायों में कार्यक्रम के लिए अंतिम तैयारी कर ली गई है।
जनपद के तीन नगर पंचायतों व एक नगर पालिका में आज शहर की सरकार का गठन हो जाएगा। इसके साथ ही नगरों के विकास का रुप रेखा तय करने के लिए मिनी सदन संचालित हो जाएगी। जुलाई माह में ही पिछले जनप्रतिनिधि बोर्ड का कार्यकाल समाप्त हो गया। इसके बाद कुछ कारणों के चलते चुनाव नहीं हो सका था। पांच माह उहापोह के बाद कोर्ट के निर्देश पर चुनाव हुुआ था। एक दिसंबर को मतगणना के बाद चुनावी प्रक्रिया समाप्त हो गई थी। तो शहरों में नए सरकार के गठन को लेकर कवायद चल रही थी। आठ दिसम्बर को शासन से निकायों के निर्वाचित पदाधिकारियों को 12 दिसम्बर को शपथ कराने का आदेश मिला था। इसके बाद जिला प्रशासन व नगर पंचायतों में तैयारी शुरू हो गई थी। आज जनपद के चार निकायों में चुने गए चार अध्यक्ष अपने अपने निकायों में शपथ लेंगे उसके बाद सभासद पद व गोपनीयता की शपथ ग्रहण करेंगे। इसमें नगर पालिका मुगलसराय व नगर पंचायत चंदौली के अध्यक्षों को नगर का प्रथम दलित चेयरमैन होने का गौरव हासिल होगा। वहीं सैयदराजा में पिछड़ी जाति का अध्यक्ष पद भार ग्रहण करेंगे। चकिया नगर पंचायत में दूसरी बार चेयरमैन पद ग्रहण करने का गौरव अशोक बागी को मिलेगा। शपथ ग्रहण कार्यक्रम में जाने से पहले निर्वाचित पदाधिकारी सोमवार को तैयारी करने में लगे रहे। नए परिधानों का चयन किया गया तो। मुहुर्त के अनुसार शपथ ग्रहण कार्यक्रम में जाना। उसके पहले मंदिर में दर्शन पूजन करना। फिर शपथ लेना है। वहीं परिचितों व संबंधियों को कार्यक्रम में आने के लिए निमंत्रण दिया गया।
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इनसेट
आधी आबादी की मौजूदगी
मुगलसराय।नगर पालिका मुगलसराय में वार्ड सभासद पद पर पुरुषों से ज्यादा महिलाएं निर्वाचित हुई हैं। यह नगर पालिका का रिकार्ड बना है। शपथ ग्रहण समारोह में आधी आबादी की मौजूदी नई मिशाल बनेंगी। 25 वार्डों में से 13 वार्ड में महिला जनप्रतिनिधि आज से पद धारण करेंगी।
इनसेट
पति व पत्नी का होगा सत्ता परिवर्तन
मुगलसराय। इस बार के चुनाव में कुछ वार्डों में परिसीमन व आरक्षण के चलते पति पत्नी का कार्यकाल भी बदला है। पिछली बार सभासद रही कुछ महिलाएं इस बार पति के लिए मैैदान छोड़ दी थी। वहां उनके पति निर्वाचित हुए हैं। तो कुछ वार्डों में आरक्षण के चलते महिला सीट होने से सभासद रहे पति अपनी पत्नी को मैदान में उतारा और विजयी हुई। शपथ ग्रहण समारोह इसका भी नजारा दिखेगा।
लगातार दूसरी बार भाजपा का चेयरमैन लेगा शपथ
मुगलसराय। नगर पालिका मुगलसराय में इस बार भाजपा लगातार दूसरी बार चेयरमैन निर्वाचति हुुआ है। इससे कार्यकर्ताओं में उत्साह है। साथ ही प्रदेश व देश में पार्टी की सरकार होने का असर भी शपथ ग्रहण समारोह में दिखेगा।
25 वार्डों में विभक्त पालिको सुविधाओं के बढ़ने की दरकार
अभी भी कई वार्ड सुविधाओं से हैं वंचित
साफ सफाई के साथ पेयजल व प्रकाश की व्यवस्था की जरुरत
मुगलसराय। धान के कटोरे के रुप में विख्यात जनपद चंदौली का एक मात्र नगर पालिका मुगलसराय है। मुगलसराय का अपना इतिहास है। देश का चौथा सबसे बड़ा रेलवे जंक्शन हैं तो सबसे बड़ी कोलमंडी विख्यात है। दिल्ली से कोलकाता को जोड़ने वाला राजमार्ग गुजरा है। नगर पालिका मुगलसराय का गठन 1956 में हुआ था। नगर की आबादी 2011 के सेंसस के अनुसार 109650 है। जिसमें 57682 पुरुष व 51968 महिलाएं हैं।पालिका क्षेत्र का विकास करने के लिए इसे 25 वार्डों में बांटा गया है। अब तक हुए 6 चुनाव में तीन बार भाजपा, एक बार बसपा, एक बार सपा व एक बाद निर्दल चुनाव जीता है। कई जनप्रतिनिधि बोर्ड के गठन के बाद भी नगर की समस्याओं व चुनौतियां कम न होने के बजाए बढ़ती गई। इन चुनौतियों से निपटने के लिए वर्तमान बोर्ड को नई रुपरेखा तय करनी होगी।
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मुुगलसराय 1920 में नोटिफाईड एरिया,1958 में चतुर्थ श्रेणी नगर पालिका,1966 में तृतीय श्रेणी,1974 में प्रथम श्रेणी की नगर पालिका बनी थी। 1988 में से 2017 तक 6 चेयरमैन निर्वाचित हुए हैं। नगर पालिका क्षेत्र में बढ़ती आबादी के कारण समस्याएं दिन पर दिन बढ़ती जा रही हैं।अब तक चुने गए चेयरमैन सत्ताधारी दलों का नहीं हो पाते थे। इस कारण विकास न होने का रोना रोते रहे। इस बार का चेयरमैन सत्ताधारी दल से जुड़ा हुुआ है। ऐसे में लोगों को विकास के पंख लगने की उम्मीद है। सरकार बनने के बाद से पिछली जनप्रतिनिधि बोर्ड ने नगर का नाम पं.दीन दयाल उपाध्याय नगर रखने का प्रस्ताव भेजा था। जिसे प्रदेश सरकार ने मुहर लगाकर पास कर दिया। अब नगर पालिका दीन दयाल नगर के नाम से जानी जा रही है। नए जनप्रतिनिधि बोर्ड पर जनता की उम्मीद का बोझ ज्यादा है तो चेयरमैन के उपर संकल्प पत्र को पूरा करने का दबाव होगा।
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