जनपद में लेखपाल भर्ती परीक्षा रविवार को सकुशल सम्पन्न हो गई।
कुल
दो पालियों की परीक्षा में 28066 अभ्यर्थियों में भाग लिया।
भीड़ भाड़
वाली परीक्षा सकुशल होने के बाद जिला प्रशासन ने राहत की सांस ली। लेखपाल
की परीक्षा को लेकर जिले में काफी चहल पहल रही। वहीं परीक्षा केंद्रों पर
सुरक्षा के कड़े प्रबंध रहे।
इस दौरान जिला पंचायत इंटर कालेज में परीक्षा
खत्म होने के बाद परीक्षार्थियों ने हंगामा भी किया।
जनपद के लेखपाल
भर्ती परीक्षा के लिए कुल 17 केंद्र बनाए गए थे। जहां पर 28066
परीक्षार्थियों को परीक्षा में भाग लिया। दो पालियों में लेखपाल भर्ती की
परीक्षा जिला प्रशासन ने कराई।
प्रथम पाली में 10.30 से 12.00 बजे व दूसरी
पाली 3.00 से 4.30 बजे तक परीक्षा हुई। प्रथम पाली में कुल 14 हजार और
दूसरी पाली में 14066 परीक्षार्थियों ने भाग लिया।
परीक्षा में शुचिता बनाए
रखने के लिए सात सेक्टर मजिस्टेªटों की तैनाती की गई थी। वहीं 17 परीक्षा
केन्द्रों पर 17 केन्द्र व्यवस्थापक, 17 पर्यवेक्षकों की भी तैनाती की गई
थी।
परीक्षा शुरू होने से पूर्व सभी केन्द्रों के व्यवस्थापक और
पर्यवेक्षकाें की देख-रेख में सघन तलाशी ली गई। इस दौरान कोई भी अनुचित
साधन के प्रयोग करते नहीं पकड़ा गया।
परीक्षा देने के लिए सुबह से ही
केन्द्रों के आसपास अभ्यर्थियों की भीड़ जुट गई थी। जिलाधिकारी सुरेन्द्र
विक्रम खुद सभी परीक्षा केन्द्रों पर पैनी नजर बनाए हुए थे। उन्होंने कई
परीक्षा केन्द्रों का निरीक्षण भी किया।
उधर परीक्षा केन्द्र को लेकर
काफी परीक्षार्थी दर-दर भटकते नजर आए। जिला पंचायत बालिका इंटर कालेज के
कक्ष नं0 16, 4 व 18 के परीक्षार्थियों ने परीक्षा संपन्न होते ही हंगामा
खड़ा कर दिया। परीक्षा शुरू होने के बाद कापियां उपलब्ध कराई गई और समय
समाप्त होने से पूर्व ही ले ली गई।
ऐसे में कई प्रश्न छूट गए। मिर्जापुर के
अशोक सोनकर ने बताया कि उक्त परीक्षा में 10 मिनट समय कम मिला। जिससे 6
प्रश्न छूट गए।
इस दौरान धूरेलाल मौर्य, नागेन्द्र, आदर्श मौर्या,
चंदन सिंह,आदि ने भी यही आरोप लगाया। इस परीक्षा से मीडियाकर्मियों को भी
दूर रखा ही गया और विस्तृत सूचना के लिए कोई सूचना केन्द्र भी नहीं स्थापित
किया गया था और न ही परीक्षा के पूर्व इस बाबत समुचित जानकारी उपलब्ध कराई
गई।